छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। शुक्रवार को बिलासपुर में दिनभर बादलों की आवाजाही के बाद शाम को बारिश हुई। शहर में 6.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहाना हो गया।शुक्रवार को बिलासपुर का अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोनों तापमान सामान्य से ऊपर रहे। रात के समय भी आसमान में बिजली चमकती रही।मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी, तटीय दक्षिण ओडिशा तथा उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है।इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तारित है। वहीं उत्तर राजस्थान से इस सिस्टम तक छत्तीसगढ़ के रास्ते करीब 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक द्रोणिका बनी हुई है।इन मौसमी प्रणालियों के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।
बिलासपुर से गुजर रही मानसून द्रोणिका
मानसून द्रोणिका श्रीगंगानगर, चूरू, शिवपुरी, दमोह और बिलासपुर से होते हुए निम्न दबाव के केंद्र तक सक्रिय है। इसके बाद यह पूर्व-दक्षिणपूर्व दिशा में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है।इसके अलावा उत्तर पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ भी मौजूद है। इन सभी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर आगे भी जारी रहने की संभावना है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने 12 सितंबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई है।वहीं कुछ स्थानों पर वज्रपात और भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने भारी बारिश का मुख्य क्षेत्र दक्षिण छत्तीसगढ़ बताया है।विशेष रूप से बस्तर संभाग में तेज बारिश की संभावना है। इसके अलावा रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में भी एक-दो स्थानों पर अति भारी वर्षा हो सकती है।
प्रदेश में अब तक 974.9 मिमी बारिश
मौसमी आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक कुल 974.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य वर्षा का आंकड़ा 1030.8 मिमी है। यानी प्रदेश की कुल बारिश अभी सामान्य से करीब 5 प्रतिशत कम है।हालांकि अलग-अलग जिलों में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं है। कुछ जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश हुई है, जबकि कुछ इलाके अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं।
बलरामपुर में सामान्य से 66% ज्यादा बारिश
बलरामपुर में अब तक 1474.1 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य से 66 प्रतिशत अधिक है। वहीं बीजापुर में 1254.3 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य के करीब है।बिलासपुर में अब तक 951.3 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 949.8 मिमी है। यानी बिलासपुर में मौसमी बारिश लगभग सामान्य के आसपास बनी हुई है।
कई जिलों में बारिश की कमी
प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश सामान्य से काफी पीछे है। आंकड़ों के अनुसार बेमेतरा में सामान्य से 42 प्रतिशत, सरगुजा में 39 प्रतिशत, कांकेर में 36 प्रतिशत और जशपुर में 35 प्रतिशत का अंतर दर्ज किया गया है।सरगुजा में अब तक 645.6 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 1060.5 मिमी है। इससे साफ है कि प्रदेश में मानसून का वितरण असमान बना हुआ है।
इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
दूसरी ओर कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। महासमुंद में 14 प्रतिशत, गरियाबंद में 13 प्रतिशत, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 32 प्रतिशत और मुंगेली में 24 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।इस तरह एक ही प्रदेश में कुछ क्षेत्रों में बारिश की अधिकता और कुछ इलाकों में कमी देखने को मिल रही है।
अगले 24 घंटे मौसम के लिहाज से अहम
मौसम प्रणालियों की सक्रियता को देखते हुए अगले 24 घंटे छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। अधिकांश हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जबकि दक्षिणी जिलों में भारी से अति भारी बारिश का खतरा अधिक है।वज्रपात की संभावना वाले इलाकों में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।