पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मध्यप्रदेश में गोशालाओं को मिलने वाले अनुदान को लेकर चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि गोशालाओं को प्रति गाय मिलने वाले 40 रुपये के अनुदान को घटाकर 30 रुपये करने की पहल की जा रही है।कमलनाथ ने इसे बेहद चिंताजनक बताते हुए सरकार से इस पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
कमलनाथ ने अपने पोस्ट में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ पार्टी गोसेवा की बात करती है, जबकि दूसरी तरफ गोमाता के आहार में कटौती की जा रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के फैसले भाजपा के कथित दोहरे रवैये को सामने लाते हैं। कमलनाथ ने सरकार से इस मामले पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
आहार कंपनियों के भुगतान को लेकर भी उठाया मुद्दा
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सरकार गायों के लिए आहार तैयार करने वाली कंपनियों को भुगतान करना चाहती है, तो इसके लिए अलग से बजट का प्रावधान किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि गोशालाओं को मिलने वाले अनुदान में कटौती करके इस तरह का भुगतान किया जाना उचित नहीं है।
महंगाई का हवाला देकर फैसला वापस लेने की मांग
कमलनाथ ने बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए गोमाता के आहार के लिए मिलने वाली राशि में कटौती को निंदनीय बताया। उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि वास्तव में ऐसा निर्णय लिया गया है, तो उसे वापस लिया जाए।कमलनाथ के इस बयान के बाद गोशालाओं के अनुदान का मुद्दा एक बार फिर मध्यप्रदेश की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।