नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित BRICS Business Forum में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में जारी अनिश्चितताओं के बीच भारत की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने BRICS देशों के बीच भरोसेमंद कारोबारी माहौल, मजबूत सप्लाई चेन और व्यापारिक रिश्तों में विविधता बढ़ाने पर जोर दिया।
वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत का भरोसे का संदेश
BRICS Business Forum में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में व्यापार और निवेश के लिए भरोसेमंद एवं स्थिर माहौल बेहद जरूरी है। उन्होंने भारत को ऐसे साझेदार के तौर पर पेश किया, जो बदलती परिस्थितियों के बीच दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग और स्थिरता को प्राथमिकता देता है।
मजबूत सप्लाई चेन पर जयशंकर का जोर
जयशंकर ने BRICS देशों के बीच लचीली और मजबूत सप्लाई चेन विकसित करने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि वैश्विक स्तर पर आने वाले आर्थिक झटकों का सामना करने के लिए देशों को अपनी आपूर्ति व्यवस्था को अधिक मजबूत और विविध बनाना होगा। इससे किसी एक बाजार या स्रोत पर अत्यधिक निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
व्यापारिक रिश्तों में विविधता जरूरी
विदेश मंत्री ने BRICS देशों के बीच व्यापार को और व्यापक बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में व्यापारिक साझेदारियों का विविधीकरण आर्थिक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है। BRICS के भीतर बेहतर कनेक्टिविटी और सहयोग से सदस्य देशों के बीच व्यापार को नई गति मिल सकती है।
स्टार्टअप और इनोवेशन में सहयोग बढ़ाने की अपील
जयशंकर ने BRICS देशों के बीच स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात भी कही। उन्होंने तकनीक, नए कारोबारी मॉडल और नवाचार को भविष्य की आर्थिक मजबूती का अहम आधार बताया। भारत की ओर से इन क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने को BRICS सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
वैश्विक संकटों के बीच BRICS की बढ़ती भूमिका
इस बार BRICS बैठक ऐसे समय हो रही है, जब दुनिया कई स्तरों पर आर्थिक और भू-राजनीतिक दबावों से गुजर रही है। यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में तनाव और अमेरिका-चीन के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। ऐसे माहौल में BRICS देशों के सामने आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के साथ संगठन की एकजुटता बनाए रखने की चुनौती भी है।
भारत की नजर व्यावहारिक आर्थिक सहयोग पर
भारत BRICS को किसी एक देश या समूह के खिलाफ मंच के रूप में देखने के बजाय आर्थिक सहयोग और वैश्विक शासन में विकासशील देशों की भूमिका मजबूत करने वाले मंच के तौर पर आगे बढ़ाना चाहता है। नई दिल्ली में हो रही बैठक में व्यापार, निवेश, तकनीक, सप्लाई चेन और आर्थिक लचीलापन जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने हैं।
BRICS में भारत की बड़ी जिम्मेदारी
भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। ऐसे में जयशंकर का बिजनेस फोरम में दिया गया संदेश भारत की व्यापक प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है। आर्थिक सहयोग को मजबूत करना, वैश्विक जोखिमों से निपटने की क्षमता बढ़ाना और BRICS को व्यावहारिक सहयोग के मंच के रूप में आगे ले जाना।