भारत की मेजबानी में 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत कई देशों के शीर्ष नेताओं और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, ऊर्जा, विकास, सुरक्षा और बदलती वैश्विक व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अलग-अलग देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों पर भी खास नजर रहेगी।
पुतिन से PM मोदी की मुलाकात पर खास नजर
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS सम्मेलन में शामिल होने भारत आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बातचीत प्रस्तावित है।इस दौरान रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं। भारत और रूस के लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों को देखते हुए दोनों नेताओं की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।
7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी BRICS सम्मेलन के लिए भारत पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिनपिंग के बीच 12 सितंबर को द्विपक्षीय बैठक हो सकती है।गलवान घाटी संघर्ष के बाद दोनों नेताओं की यह महत्वपूर्ण आमने-सामने की बातचीत होगी। करीब सात साल बाद जिनपिंग के भारत दौरे के कारण इस बैठक पर विशेष नजर रहेगी।
संभावित बातचीत में भारत-चीन सीमा, LAC पर शांति, व्यापार, आर्थिक रिश्तों और दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। हालांकि बैठक और किसी संभावित समझौते की अंतिम औपचारिक पुष्टि का इंतजार है।
ईरान समेत इन देशों के नेता भी पहुंच सकते हैं
BRICS सम्मेलन में कई अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकारों के प्रमुखों के शामिल होने की संभावना है। प्रस्तावित भागीदारी में शामिल नामों में:
ईरान – राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान
दक्षिण अफ्रीका – राष्ट्रपति
इंडोनेशिया – राष्ट्रपति
थाईलैंड – प्रधानमंत्री
फिलीपींस – राष्ट्रपति
वियतनाम – प्रधानमंत्री
मलेशिया – प्रधानमंत्री
मिस्र – राष्ट्रपति
उज्बेकिस्तान – प्रतिनिधिमंडल
नाइजीरिया – प्रतिनिधिमंडल
इसके अलावा UAE की ओर से अबू धाबी के क्राउन प्रिंस, जबकि सऊदी अरब और बहरीन की ओर से विदेश मंत्रियों के शामिल होने की संभावना बताई गई है।ब्राजील और क्यूबा की ओर से भी वरिष्ठ स्तर के प्रतिनिधियों के सम्मेलन में पहुंचने की उम्मीद है।
WTO और WHO के प्रमुख भी हो सकते हैं शामिल
BRICS सम्मेलन में सिर्फ देशों के नेता ही नहीं, बल्कि प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों की भागीदारी भी प्रस्तावित है।इनमें विश्व व्यापार संगठन (WTO) के महानिदेशक, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक, न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) के अध्यक्ष और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) के अध्यक्ष के शामिल होने की संभावना है।इनकी मौजूदगी से वैश्विक वित्तीय सहयोग, विकास और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सम्मेलन में विशेष महत्व मिलने की उम्मीद है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है BRICS 2026?
भारत ऐसे समय BRICS की मेजबानी कर रहा है, जब दुनिया व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, सप्लाई चेन और भू-राजनीतिक तनाव जैसी कई चुनौतियों से गुजर रही है।भारत के लिए यह सम्मेलन केवल बहुपक्षीय बैठक नहीं, बल्कि प्रमुख देशों के साथ कूटनीतिक और रणनीतिक संवाद का बड़ा मंच भी है। BRICS देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को मजबूत करना भी सम्मेलन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।