राजस्थान निकाय चुनाव में टिकट को लेकर शुरू हुई बगावत पर भारतीय जनता पार्टी ने अपना रुख और सख्त कर दिया है। पार्टी ने आधिकारिक प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे 7 और नेताओं को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। ताजा कार्रवाई के बाद पार्टी से बाहर किए गए बागी नेताओं की संख्या अब 48 पहुंच गई है। भाजपा की नई कार्रवाई में अजमेर नगर निगम के पांच नेता, जबकि जैतारण और मुंडवा नगर पालिका से एक-एक बागी उम्मीदवार शामिल हैं। पार्टी का कहना है कि अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ना संगठन के अनुशासन का उल्लंघन है।
निकाय चुनाव के बीच BJP ने बढ़ाई सख्ती
राजस्थान में निकाय चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 9 सितंबर को हुई थी। इस चरण में 76.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अब चुनाव का दूसरा और अंतिम चरण 11 सितंबर को होना है। इसी बीच भाजपा की ओर से लगातार बागी नेताओं पर कार्रवाई की जा रही है। पार्टी ने 7 सितंबर को एक साथ 41 नेताओं को निष्कासित किया था। अब सात और नेताओं पर कार्रवाई के बाद यह आंकड़ा 48 हो गया है। पार्टी नेतृत्व की इस कार्रवाई का सीधा संदेश यही माना जा रहा है कि अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ मैदान में उतरने या उनके खिलाफ काम करने को संगठन गंभीर अनुशासनहीनता के तौर पर देख रहा है।
अजमेर में पांच बागी नेताओं पर गिरी गाज
भाजपा की ताजा सूची में सबसे ज्यादा कार्रवाई अजमेर नगर निगम से हुई है। पार्टी ने यहां से पांच नेताओं को छह साल के लिए निष्कासित किया है। इनमें शामिल हैं-
अरुण शर्मा — वार्ड 38
नीतू मिश्रा — वार्ड 41
सीमा गोस्वामी — वार्ड 52
रूबी जैन — वार्ड 74
धर्मेंद्र सिंह चौहान 'पंचम' — वार्ड 75
इन सभी पर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ने का आरोप है।
पूर्व पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई
भाजपा से निष्कासित किए गए इन नेताओं में कुछ ऐसे नाम भी हैं, जो पहले संगठन में जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। सीमा गोस्वामी अजमेर शहर महिला मोर्चा की पूर्व जिला अध्यक्ष रह चुकी हैं, जबकि अरुण शर्मा पूर्व मंडल अध्यक्ष के तौर पर पार्टी में काम कर चुके हैं। ऐसे में इन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को संगठन के स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जैतारण और मुंडवा में भी बागियों पर कार्रवाई
अजमेर के अलावा भाजपा ने जैतारण और नागौर जिले की मुंडवा नगरपालिका में भी बागी उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई की है। जैतारण नगरपालिका के वार्ड 17 से चुनाव लड़ रहे पूर्व पार्षद राकेश सोलंकी को पार्टी से निष्कासित किया गया है। वहीं मुंडवा नगरपालिका के वार्ड 8 से चुनाव मैदान में उतरे भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश सचिव लक्ष्मी नारायण मुंडेल पर भी पार्टी ने कार्रवाई की है।
BJP ने बगावत को बताया घोर अनुशासनहीनता
भाजपा के मुताबिक पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ना, बागी प्रत्याशी का समर्थन करना या आधिकारिक उम्मीदवार को नुकसान पहुंचाने के लिए काम करना संगठन-विरोधी गतिविधि है। पार्टी ने इसे घोर अनुशासनहीनता मानते हुए प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के निर्देश पर कार्रवाई की है। इससे पहले भी भाजपा ने निकाय चुनाव में बगावत करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की थी। अब सात और नाम जुड़ने के बाद पार्टी से निष्कासित किए गए नेताओं की संख्या 48 हो गई है।
पिछली कार्रवाई में जयपुर के सबसे ज्यादा नेता थे
भाजपा की पिछली निष्कासन सूची में जयपुर सबसे ऊपर रहा था। यहां से 26 नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठन से बाहर किया गया था। इसके बाद अब अजमेर समेत दूसरे निकाय क्षेत्रों में भी पार्टी ने बागी उम्मीदवारों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ाई है।
दूसरे चरण की वोटिंग से पहले सियासी संदेश
राजस्थान निकाय चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 11 सितंबर को होना है। ऐसे समय में भाजपा की ओर से लगातार हो रही कार्रवाई का राजनीतिक महत्व भी है। पार्टी की कोशिश अधिकृत उम्मीदवारों के पक्ष में संगठन को एकजुट रखने की है। वहीं बागी उम्मीदवारों के चुनाव मैदान में बने रहने से कई वार्डों में मुकाबला प्रभावित होने की संभावना है। अब देखना होगा कि भाजपा की इस सख्ती का चुनावी नतीजों पर कितना असर पड़ता है और निष्कासित किए गए बागी उम्मीदवार अपने-अपने वार्ड में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों को कितनी चुनौती दे पाते हैं।