उत्तरप्रदेश में मानसून इस सीजन अपने सामान्य बारिश के आंकड़े के करीब पहुंच चुका है। 1 जून से अब तक प्रदेश में करीब 651.5 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। गुरुवार सुबह प्रयागराज, कौशांबी और भदोही समेत आसपास के इलाकों में तेज बारिश हुई, जबकि लखनऊ, कानपुर और वाराणसी समेत कई शहरों में फिलहाल धूप खिली रही। हालांकि, आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है।
मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 36 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से प्रदेश के 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 4 लाख लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
बरेली में नदी में समाया 10 साल पुराना मंदिर
लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ कई इलाकों में कटान भी तेज हो गया है। बरेली में रामगंगा नदी के कटान ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।बुधवार सुबह कटान के चलते करीब 10 साल पुराना एक मंदिर नदी में समा गया। नदी के किनारे बसे लोगों को भी अपने घरों की सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है।
बाराबंकी में गांवों में घुसा सरयू का पानी
बाराबंकी में सरयू नदी का पानी गांवों तक पहुंच गया है। लगातार बढ़ते कटान के खतरे के बीच नदी किनारे रहने वाले कुछ लोग अपने मकानों को खुद ही तोड़ रहे हैं, ताकि जान-माल के नुकसान की आशंका को कम किया जा सके।बाढ़ और कटान की स्थिति ने ग्रामीण इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
उन्नाव में टापू बने 10 से ज्यादा गांव
उन्नाव में गंगा नदी के किनारे बसे 10 से अधिक गांव बाढ़ के पानी से घिरकर टापू जैसे हालात में पहुंच गए हैं। करीब 800 घरों में रहने वाले 30 हजार लोग बाढ़ के बीच प्रभावित बताए जा रहे हैं।कई इलाकों में पानी करीब 10 फीट तक भर गया है। आवागमन के साधन प्रभावित होने के बाद ग्रामीणों ने थर्माकोल और फोम की मदद से जुगाड़ की नावें तैयार कर ली हैं। इन्हीं के सहारे लोग जरूरी आवाजाही करने को मजबूर हैं।
कानपुर में गंगा उफान पर, काशी के घाट जलमग्न
कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी उफान पर है। वहीं वाराणसी में गंगा के घाट अब भी पानी में डूबे हुए हैं।हालांकि, काशी में राहत की बात यह है कि गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है। इसके बावजूद घाटों और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का असर अभी बना हुआ है।
36 जिलों में बारिश का अलर्ट
प्रदेश में एक तरफ कई इलाकों में तेज बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर बाढ़ और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। आज 36 जिलों में बारिश का अलर्ट है।मौसम में लगातार बदलाव और नदियों के जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।