कोलकाता: जादवपुर विश्वविद्यालय को लेकर जारी राजनीतिक सरगर्मी के बीच बुधवार को कोलकाता में भाजपा की ओर से ‘गेरुआ यात्रा’ का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अगुवाई में निकली यह यात्रा गोलपार्क से जादवपुर के 8बी बस स्टैंड तक पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गोलपार्क से 8बी तक निकला जुलूस
‘गेरुआ यात्रा’ की शुरुआत गोलपार्क इलाके से हुई और इसका निर्धारित मार्ग जादवपुर विश्वविद्यालय के आसपास से होकर 8बी बस स्टैंड तक रहा। हाल के दिनों में जादवपुर विश्वविद्यालय में छात्र संगठनों के बीच हुई झड़पों के बाद पहले से ही इलाके में राजनीतिक माहौल गरम है। ऐसे में इस यात्रा को भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है।

जादवपुर विश्वविद्यालय बना राजनीतिक केंद्र
जादवपुर विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्र संगठनों और एबीवीपी के बीच विवाद के बाद परिसर और उसके आसपास तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पहले भी विश्वविद्यालय के सामने पहुंचकर वामपंथी छात्र संगठनों पर निशाना साध चुके हैं। अब गेरुआ यात्रा के विश्वविद्यालय क्षेत्र से गुजरने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है।
सुरक्षा के लिए पुलिस की अतिरिक्त तैनाती
यात्रा को देखते हुए जादवपुर विश्वविद्यालय और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई थी। प्रशासन की कोशिश रही कि राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह का टकराव न हो।

‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रवाद का मुद्दा
गेरुआ यात्रा से पहले भाजपा नेता दिलीप घोष ने जादवपुर विश्वविद्यालय को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में देश की एकता और अखंडता के खिलाफ किसी भी तरह के नारे बर्दाश्त नहीं किए जाने चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय से ‘वंदे मातरम्’ की आवाज उठने की बात कही और कथित तौर पर ‘टुकड़े-टुकड़े’ जैसे नारों पर आपत्ति जताई।
बंगाल की राजनीति में बढ़ सकती है हलचल
जादवपुर जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील इलाके में मुख्यमंत्री की अगुवाई में हुई यह यात्रा भाजपा के लिए खास महत्व रखती है। विश्वविद्यालय से जुड़े विवाद, छात्र राजनीति और राष्ट्रवाद के मुद्दे के बीच ‘गेरुआ यात्रा’ ने बंगाल की सियासत में एक बार फिर जादवपुर को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।