वॉशिंगटन: अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक और कूटनीतिक दबाव बढ़ाते हुए उसकी 27 एयरलाइंस को ‘स्पेशली डिजाइनेटेड नेशनल्स’ (SDN) सूची में शामिल कर दिया है। अमेरिकी वित्त विभाग का कहना है कि ईरान का विमानन क्षेत्र लंबे समय से सरकार की कथित अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों को समर्थन देता रहा है। इस कार्रवाई के जरिए अमेरिका ने ईरान की विमानन व्यवस्था और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर बड़ा प्रहार किया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि ईरान की वाणिज्यिक एयरलाइंस का इस्तेमाल कथित तौर पर हथियारों की खरीद और परिवहन के साथ-साथ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कर्मियों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए किया जाता रहा है।
ईरान की 27 एयरलाइंस पर अमेरिका ने लगाया प्रतिबंध
अमेरिका की इस कार्रवाई का सबसे बड़ा हिस्सा ईरान की 27 एयरलाइंस को SDN सूची में शामिल करना है। इसके साथ ही अमेरिकी सरकार ने ईरान के विमानन क्षेत्र से जुड़े उन नेटवर्क को भी निशाना बनाया है, जिन पर प्रतिबंधों से बचने और विमानन तकनीक हासिल करने में मदद करने का आरोप है। अमेरिकी वित्त विभाग के मुताबिक, ईरान की एयरलाइंस का इस्तेमाल केवल सामान्य यात्री परिवहन तक सीमित नहीं है। अमेरिका का आरोप है कि कुछ विमानन कंपनियां ईरान सरकार और IRGC से जुड़े लोगों तथा गतिविधियों को सहायता पहुंचाती हैं।
माहान एयर लंबे समय से अमेरिका के निशाने पर
ईरान की माहान एयर (Mahan Air) पर अमेरिका पहले भी कई प्रतिबंध लगा चुका है। अमेरिकी सरकार ने पहली बार अक्टूबर 2011 में माहान एयर पर कार्रवाई की थी। इसके बाद 30 जुलाई को कंपनी से जुड़े कई जनरल सेल्स एजेंटों को भी निशाना बनाया गया।
इस बार अमेरिका ने माहान एयर से जुड़े कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर भी कार्रवाई की है। अमेरिकी वित्त विभाग का कहना है कि ईरान प्रतिबंधों से बचने के लिए फ्रंट कंपनियों, विदेशी बिचौलियों और जटिल ट्रांजिट रूट्स का इस्तेमाल करता रहा है।
तुर्किये, मलेशिया और कजाकिस्तान की कंपनियां भी प्रतिबंधित
अमेरिकी वित्त विभाग के तहत काम करने वाले ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने तुर्किये, मलेशिया और कजाकिस्तान की चार कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका का आरोप है कि इन कंपनियों ने माहान एयर को कार्गो सेवाएं और बिक्री से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराई। अमेरिकी कार्रवाई का उद्देश्य ईरानी एयरलाइंस के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध लॉजिस्टिक्स और कारोबारी नेटवर्क को कमजोर करना है।
अमेरिकी विमान और संवेदनशील तकनीक हासिल करने का आरोप
अमेरिका ने आरोप लगाया है कि ईरान अपनी विमानन क्षमता को बनाए रखने के लिए ऐसे नेटवर्क का इस्तेमाल करता है, जिनके जरिए वह अमेरिकी मूल के विमान और संवेदनशील विमानन तकनीक हासिल करने की कोशिश करता है।
वित्त विभाग के अनुसार, माहान एयर को 2026 की गर्मियों में कम से कम तीन बोइंग-777 विमान मिले थे। अमेरिकी दावे के मुताबिक, इन विमानों को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान के रास्ते ईरान भेजा गया था। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका लंबे समय से ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तीसरे देशों के नेटवर्क पर नजर रखता रहा है।
ईरान के ऊपर से उड़ानों को लेकर भी बड़ा फैसला
OFAC ने कुछ ऐसी अनुमतियों को भी निलंबित कर दिया है, जिनके तहत विमानों को ईरान के हवाई क्षेत्र के ऊपर से उड़ान भरने की अनुमति मिलती थी। इसके अलावा गैर-अमेरिकी एयरलाइंस द्वारा अमेरिकी मूल या अमेरिकी नियंत्रण वाले वाणिज्यिक विमानों को ईरान ले जाने से संबंधित अनुमतियों पर भी रोक लगाई गई है। इस फैसले से ईरान के साथ अंतरराष्ट्रीय विमानन संपर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
वित्तीय संस्थानों को भी सतर्क रहने की अपील
अमेरिकी वित्त विभाग के तहत काम करने वाले Financial Crimes Enforcement Network (FinCEN) ने वित्तीय संस्थानों से भी अपील की है कि वे ईरान के विमानन उद्योग को समर्थन देने वाले खरीद नेटवर्क से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी दें। इसका मकसद उन वित्तीय रास्तों की पहचान करना है, जिनके जरिए ईरानी विमानन क्षेत्र से जुड़े नेटवर्क अमेरिकी प्रतिबंधों को दरकिनार करने की कोशिश कर सकते हैं।
ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन का अमेरिका को जवाब
अमेरिका की कार्रवाई के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने मंगलवार को कहा कि उनका देश अपनी रक्षा और प्रतिरोध जारी रखेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा युद्ध का विरोध करता रहा है, लेकिन किसी भी आक्रमण का सामना करने के लिए वह पीछे नहीं हटेगा।
पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान लोगों के हितों की रक्षा और पश्चिम एशिया में सुरक्षा बनाए रखने के लिए युद्ध से बचने को प्राथमिकता देता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका देश अपने लोगों के अधिकारों की रक्षा करता रहेगा और कथित आक्रमण का पूरी ताकत से मुकाबला करेगा।
अमेरिका-ईरान तनाव में नया मोड़
अमेरिका द्वारा ईरान की 27 एयरलाइंस और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। विमानन क्षेत्र पर प्रतिबंध बढ़ाकर अमेरिका ने ईरान की अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी, विमान हासिल करने की क्षमता और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की है। दूसरी ओर, ईरान ने भी अपने रुख में नरमी के संकेत नहीं दिए हैं।