नोएडा: सेक्टर-155 स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र में मंगलवार को SSC CHT परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। सर्वर और बायोमेट्रिक सत्यापन में कथित तकनीकी खराबी के चलते कई उम्मीदवारों को समय पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिल सका। वहीं, केंद्र के अंदर पहुंचे अभ्यर्थियों को भी लंबे समय तक परीक्षा शुरू होने का इंतजार करना पड़ा। आखिरकार इस केंद्र पर निर्धारित परीक्षा रद्द कर दी गई।
बायोमेट्रिक फेल, लैब नंबर मिलने के बाद भी नहीं मिली एंट्री
अभ्यर्थियों के मुताबिक, कई उम्मीदवारों को लैब नंबर तक आवंटित हो चुका था, लेकिन बायोमेट्रिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। उम्मीदवारों का आरोप है कि करीब 11:35 बजे उन्हें तकनीकी समस्या का हवाला देते हुए वापस जाने को कहा गया। अभ्यर्थियों के अनुसार, उन्हें बताया गया कि समस्या उनकी तरफ से है और उसे ठीक कराने के बाद वापस आएं।
कुछ मिनट बाद लौटे तो बंद था परीक्षा केंद्र का गेट
उम्मीदवारों का दावा है कि वे करीब पांच मिनट बाद वापस लौटे, लेकिन तब तक परीक्षा केंद्र का गेट बंद कर दिया गया था। काफी देर तक गेट नहीं खुलने के कारण बाहर मौजूद अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई और उम्मीदवारों ने केंद्र के बाहर विरोध शुरू कर दिया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें लंबे समय तक परीक्षा केंद्र के बाहर और आसपास इंतजार करना पड़ा, लेकिन परीक्षा को लेकर उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। वहीं, कुछ उम्मीदवारों का दावा है कि केंद्र के अंदर मौजूद अभ्यर्थियों को भी कई घंटे तक बैठाकर रखा गया, लेकिन परीक्षा शुरू नहीं हो सकी।
अंदर बैठे अभ्यर्थियों की भी नहीं हुई परीक्षा
अभ्यर्थियों के अनुसार, तकनीकी समस्या केवल प्रवेश प्रक्रिया तक सीमित नहीं रही। उनका दावा है कि केंद्र के अंदर मौजूद कई उम्मीदवार करीब तीन घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन परीक्षा शुरू नहीं हुई। इसके बाद केंद्र पर परीक्षा रद्द किए जाने की जानकारी दी गई।
इसी दौरान केंद्र में लगे एक पंखे में कथित तौर पर शॉर्ट सर्किट होने की घटना की बात भी अभ्यर्थियों ने कही। हालांकि, शॉर्ट सर्किट की घटना और परीक्षा प्रक्रिया पर उसके असर को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया।
परीक्षा दोबारा कराने की सूचना, दस्तावेज की प्रामाणिकता पर सवाल
अभ्यर्थियों का दावा है कि उन्हें केंद्र की ओर से एक दस्तावेज दिया गया, जिसमें परीक्षा 13 सितंबर को दोबारा आयोजित किए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, उम्मीदवारों ने दस्तावेज की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए।
उनका आरोप है कि दस्तावेज पर स्पष्ट लेटर नंबर और आधिकारिक सील नहीं थी। उम्मीदवारों का कहना है कि SSC की वेबसाइट पर भी उन्हें तत्काल ऐसी कोई सूचना नहीं मिली, जिसके आधार पर वे दस्तावेज को आधिकारिक मान सकें। अभ्यर्थियों ने मांग की कि आयोग की ओर से इस संबंध में स्पष्ट और सार्वजनिक सूचना जारी की जाए।
खुद को SSC अधिकारी बताने वाले व्यक्ति पर भी सवाल
अभ्यर्थियों ने केंद्र पर मौजूद कुछ लोगों की पहचान को लेकर भी सवाल उठाए। एक उम्मीदवार ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने खुद को SSC अधिकारी बताया, लेकिन पहचान पत्र मांगे जाने पर वह अपनी पहचान स्पष्ट किए बिना वहां से चला गया।
उम्मीदवारों का कहना है कि परीक्षा केंद्र पर मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा था। अभ्यर्थियों ने मांग की कि SSC के अधिकृत अधिकारी मौके पर आकर स्थिति स्पष्ट करें और परीक्षा रद्द होने की पूरी वजह सार्वजनिक करें।
सिर्फ एक केंद्र नहीं, प्रभावित सभी अभ्यर्थियों को मिले मौका
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने मांग की कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण प्रभावित सभी उम्मीदवारों को समान रूप से परीक्षा देने का अवसर दिया जाए। उनका कहना है कि बायोमेट्रिक, सर्वर या प्रवेश संबंधी समस्या उम्मीदवारों की गलती नहीं थी, इसलिए इसका खामियाजा उन्हें नहीं भुगतना चाहिए।
SSC की परीक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
इस घटना ने SSC जैसी बड़ी राष्ट्रीय भर्ती परीक्षा संस्था की परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछले साल से ही परीक्षाओं को लेकर तकनीकी और व्यवस्थागत समस्याओं की शिकायतें सामने आती रही हैं और इस साल भी ऐसी घटनाएं देखने को मिल रही हैं। सालभर मेहनत और तैयारी करने के बाद युवा जब परीक्षा केंद्र पहुंचते हैं और वहां सर्वर, बायोमेट्रिक या प्रशासनिक खामियों के कारण परीक्षा नहीं दे पाते, तो इसकी जवाबदेही किसकी होगी?
अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि एक तरफ आयोग लगातार अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ परिणाम और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उम्मीदवारों को कई बार इंतजार और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। उम्मीदवारों का कहना है कि चुनाव जैसी बड़ी प्रक्रिया के परिणाम निर्धारित समय में सामने आ सकते हैं, तो युवाओं के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं में ऐसी अव्यवस्था क्यों? उनका आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में बार-बार होने वाली गड़बड़ियां युवाओं की मेहनत, समय और भविष्य पर सीधा असर डाल रही हैं।
13 सितंबर को दोबारा परीक्षा, नए एडमिट कार्ड की जानकारी
उपलब्ध पुनर्निर्धारण जानकारी के मुताबिक, कंबाइंड हिंदी ट्रांसलेटर परीक्षा 2026 (टियर-I) की परीक्षा 8 सितंबर को निर्धारित थी। तकनीकी समस्याओं के चलते नोएडा के प्रभावित केंद्र पर परीक्षा रद्द कर दी गई और अब इसे 13 सितंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा। जानकारी के अनुसार प्रभावित केंद्र आदर्श परीक्षा केंद्र, सेक्टर-155, 8 सितंबर को इस केंद्र पर पंजीकृत उम्मीदवारों के लिए नया एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा।
अभ्यर्थियों ने पूरे मामले की आधिकारिक जांच कराने, जिम्मेदारी तय करने और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से दोबारा आयोजित कराने की मांग की है। अब उम्मीदवारों की नजर SSC की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक सूचना और नए एडमिट कार्ड पर है।