कोलकाता - पश्चिम बंगाल की आर्थिक स्थिति को लेकर बीजेपी नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने राज्य की मौजूदा वित्तीय स्थिति के लिए लंबे समय से चले आ रहे कथित वित्तीय कुप्रबंधन, राजस्व के नुकसान और केंद्र की योजनाओं से दूरी को जिम्मेदार ठहराया। सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक, राज्य की आर्थिक हालत ऐसी स्थिति में पहुंच गई है, जिससे बाहर निकलने में कम से कम एक साल लग सकता है।
वित्तीय संकट को लेकर किया बड़ा दावा
सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय से वित्तीय संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया गया। उनके मुताबिक, राजस्व से जुड़े नुकसान और केंद्र सरकार की कई योजनाओं का लाभ पर्याप्त रूप से नहीं उठाए जाने का असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य को इस कथित वित्तीय संकट से बाहर निकालने के लिए सरकार को लगातार प्रयास करने होंगे और इसमें कम से कम एक साल का समय लग सकता है।
राजस्व में 18 फीसदी बढ़ोतरी का दावा
सुवेंदु अधिकारी ने मौजूदा वित्त वर्ष के राजस्व को लेकर भी आंकड़ा पेश किया। उनके मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस साल राज्य के राजस्व में करीब 18 फीसदी की वृद्धि हुई है। उन्होंने इसे राज्य की वित्तीय स्थिति में सुधार की दिशा में एक सकारात्मक संकेत बताया। हालांकि, उनके इन दावों और आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि अलग से महत्वपूर्ण होगी।
केंद्रीय योजनाओं को लेकर भी साधा निशाना
सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि बीजेपी की सरकार बनने के बाद पश्चिम बंगाल को केंद्र सरकार की सभी प्रमुख योजनाओं से जोड़ा जाएगा और इससे राज्य को भविष्य में अतिरिक्त वित्तीय संसाधन मिलने की उम्मीद है। उन्होंने केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय को आर्थिक सुधार के लिए जरूरी बताया। उनके मुताबिक, केंद्रीय योजनाओं का लाभ मिलने से राज्य के विकास कार्यों को भी गति दी जा सकती है।
वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने की बात
बुजुर्गों को मिलने वाली पेंशन को लेकर भी बड़ा ऐलान सामने आया है। सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक, वृद्धावस्था पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति माह किया जाएगा। उन्होंने इसे सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया। हालांकि, इस संबंध में लागू होने की तारीख और आधिकारिक सरकारी आदेश की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
बाल विवाह पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
सुवेंदु अधिकारी ने बाल विवाह के मुद्दे पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मुर्शिदाबाद को बाल विवाह के मामलों में सबसे ऊपर बताते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को रोकने के लिए दोषियों पर कार्रवाई के साथ-साथ सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
आर्थिक नीतियों और सामाजिक मुद्दों पर फोकस
सुवेंदु अधिकारी के बयान में एक तरफ राज्य की आर्थिक स्थिति सुधारने और केंद्र की योजनाओं से जुड़ने पर जोर दिया गया, वहीं दूसरी ओर पेंशन और बाल विवाह जैसे सामाजिक मुद्दों को भी उठाया गया। फिलहाल, राज्य की वास्तविक वित्तीय स्थिति, राजस्व में वृद्धि और केंद्र की योजनाओं से मिलने वाले संभावित लाभ को लेकर आधिकारिक आंकड़ों से इन दावों का मिलान महत्वपूर्ण होगा।