मैनपुरी - जिले में एक भैंसे के लापता होने का मामला चर्चा में है। ग्रामीणों ने तीन दिन से गायब अपने चहेते भैंसे ‘मुन्ना’ की बरामदगी के लिए पुलिस से गुहार लगाई है। सोमवार को ग्रामीणों ने एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र सौंपा और मुन्ना को सकुशल वापस कराने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि उसे नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश किया गया और इसके बाद करीब 1.20 लाख रुपये में बेच दिया गया।
तीन साल पहले चंदा जुटाकर खरीदा था भैंसा
ग्रामीणों के मुताबिक, करीब तीन साल पहले राजेंद्र सिंह ने गांव के लोगों से चंदा एकत्र किया था। इसके बाद हरियाणा के रोहतक से एक भैंसा खरीदकर गांव लाया गया। ग्रामीणों ने उसका नाम प्यार से ‘मुन्ना’ रख दिया। कुछ समय तक राजेंद्र सिंह ने भैंसे को अपने पास रखा। बाद में उसे गांव में खुला छोड़ दिया जाता था। धीरे-धीरे मुन्ना ग्रामीणों के बीच पहचान बना गया और लोग उसकी देखभाल भी करते थे।
चारे में नशीला पदार्थ खिलाने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि 2 सितंबर को पड़ोसी गांव के कुछ अराजकतत्वों ने मुन्ना को चारे में कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया। इसके बाद वह बेहोश हो गया। ग्रामीणों का दावा है कि इसी दौरान उसे कथित रूप से 1.20 लाख रुपये में बेच दिया गया। मुन्ना के गायब होने के बाद ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।

एसपी कार्यालय पहुंचे ग्रामीण
मुन्ना की बरामदगी की मांग को लेकर सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने और भैंसे को सकुशल वापस कराने की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों और दूसरे गांव के लोगों के बीच बातचीत भी हुई। ग्रामीणों के अनुसार, बातचीत में मुन्ना को तीन दिन के भीतर सकुशल वापस कराने की बात कही गई है।
बुधवार तक वापस नहीं आया तो धरने की चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा है कि यदि बुधवार तक मुन्ना वापस नहीं आता है, तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि मुन्ना सिर्फ एक भैंसा नहीं है, बल्कि गांव के लोगों ने मिलकर उसे खरीदा था और उससे उनका भावनात्मक जुड़ाव है। फिलहाल ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच और मुन्ना की तलाश को लेकर क्या कार्रवाई करती है, इस पर सभी की नजर है।