सागर/भोपाल, 8 सितंबर 2026 | सागर जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद शासन ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की है। बंडा SDOP प्रदीप वाल्मीकि को हटाकर पुलिस मुख्यालय अटैच किए जाने और उनकी जगह रोहित लखारे को जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं बंडा SDM आरती यादव को पद से हटाकर संजय कुमार जैन को नया SDM बनाया गया है। आरती यादव को सागर कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ किया गया है। इधर गंभीर हालत में सागर से एयरलिफ्ट कर भोपाल AIIMS लाए गए राम प्रसाद लोधी की इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पहले उनके पिता गोविंद लोधी की भी मौत हो चुकी थी। एक ही परिवार में पिता-पुत्र की मौत से गांव में मातम का माहौल है।
बंडा SDM आरती यादव हटाईं
जहरीली शराब प्रकरण के बाद प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की कार्रवाई लगातार बढ़ रही है। ताजा आदेश में बंडा SDM आरती यादव को हटाया गया है। उनकी जगह संजय कुमार जैन को बंडा SDM बनाया गया है। आरती यादव को फिलहाल जिला कलेक्टर कार्यालय सागर में पदस्थ किया गया है। यह कार्रवाई उस समय हुई है जब शासन पहले ही आबकारी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ निलंबन और अटैचमेंट की कार्रवाई कर चुका है।
SDOP पर भी गिरी गाज
पुलिस प्रशासन में भी बदलाव किया गया है। सामने आई जानकारी के मुताबिक बंडा SDOP प्रदीप वाल्मीकि को हटाकर पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया है और रोहित लखारे को नई जिम्मेदारी दी गई है। इस कार्रवाई को जहरीली शराब के नेटवर्क और क्षेत्र में कथित प्रशासनिक लापरवाही की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।
AIIMS भोपाल में राम प्रसाद लोधी की मौत
सागर से गंभीर हालत में एयरलिफ्ट किए गए राम प्रसाद लोधी को बेहतर इलाज के लिए AIIMS भोपाल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इससे पहले उनके पिता गोविंद लोधी की भी मौत हो चुकी थी। परिवार का एक अन्य सदस्य भी उपचाराधीन बताया गया है। राम प्रसाद को गंभीर हालत के कारण विशेष विमान/हेलिकॉप्टर सहायता से भोपाल भेजा गया था।
मौतों का आंकड़ा बढ़ा, लेकिन सरकारी पुष्टि का इंतजार
सागर शराब कांड में मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं। 7 सितंबर के अधिक आधिकारिक अपडेट में जिला प्रशासन से जुड़ी जानकारी के आधार पर 13 मौतों की पुष्टि की गई थी। वहीं 8 सितंबर की कुछ रिपोर्टों में ग्रामीणों, अस्पतालों और अंतिम संस्कार के रिकॉर्ड के आधार पर आंकड़ा 22 मौतों तक बताया गया है। हालांकि इन रिपोर्टों ने खुद स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार ने अभी इस संख्या और सभी मौतों के कारण की औपचारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए खबर में “22 मौतें” को फिलहाल मीडिया/स्थानीय स्रोतों का आंकड़ा बताकर ही लिखना सुरक्षित होगा।
160 से ज्यादा लोगों के अस्पताल पहुंचने की रिपोर्ट
ताजा रिपोर्टों में बंडा और आसपास के गांवों से 160 से ज्यादा लोगों के अस्पताल पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। इनमें कई लोगों को उल्टी, बेहोशी और शरीर में कंपन जैसी शिकायतें हुईं। इससे पहले प्रशासन ने प्रभावित गांवों में घर-घर सर्वे और संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग शुरू कराई थी।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
सागर जिला प्रशासन ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि मौतों की वास्तविक वजह क्या थी, संदिग्ध शराब कहां तैयार हुई, किसने स्टोर और सप्लाई की और क्या किसी सरकारी विभाग या अधिकारी की लापरवाही रही। जांच में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी सुझाव भी दिए जाएंगे।
आबकारी विभाग के अधिकारियों पर पहले ही कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद आबकारी विभाग के तीन अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है, जबकि एक वरिष्ठ अधिकारी को मुख्यालय अटैच किया गया। सरकार ने साफ किया है कि अवैध या जहरीली शराब के कारोबार और विभागीय लापरवाही में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
30 आरोपियों तक पहुंची जांच
मामले में शराब ठेकेदार समेत करीब 30 लोगों पर कार्रवाई/FIR की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग अपडेट में 13 से 14 आरोपियों की गिरफ्तारी बताई गई है। पुलिस अब पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है। हालांकि सागर पुलिस की ओर से बताए गए कथित ललितपुर कनेक्शन को उत्तर प्रदेश के ललितपुर पुलिस अधिकारियों ने चुनौती दी है। इसलिए शराब का स्रोत अभी जांच का विषय है।
परिवारों के लिए ₹4 लाख सहायता की घोषणा
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने मृतकों के परिजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर मरीजों की स्थिति का जायजा भी लिया।