नई दिल्ली - अगले साल होने वाले 50 ओवर के वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए क्रिकेट टीमों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 2019 की विश्व चैंपियन इंग्लैंड ने मेगा टूर्नामेंट से पहले अपने कोचिंग सेटअप में बड़ा दांव खेला है। इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज केविन पीटरसन को टीम का स्पेशलिस्ट मेंटर नियुक्त किया है। पीटरसन आगामी श्रीलंका सीरीज से अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे और 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक इंग्लैंड के साथ जुड़े रहेंगे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने शानदार अनुभव के कारण उनकी नियुक्ति को टीम के लिए अहम माना जा रहा है।
श्रीलंका सीरीज से संभालेंगे जिम्मेदारी
ECB के अनुसार, पीटरसन श्रीलंका के खिलाफ आगामी सीरीज से टीम के साथ काम करना शुरू करेंगे। इसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के विंटर टूर, अगले समर में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज तथा 2027 ODI वर्ल्ड कप तक इंग्लैंड के सेटअप का हिस्सा रहेंगे। उनकी जिम्मेदारी खिलाड़ियों को बल्लेबाजी से जुड़ी सलाह देने के साथ-साथ बड़े मुकाबलों की तैयारी और मानसिक मजबूती में मदद करने की होगी।
ब्रेंडन मैकुलम के कोचिंग सेटअप में शामिल होंगे
केविन पीटरसन अब इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम के कोचिंग सेटअप का हिस्सा होंगे। इस टीम में मार्कस ट्रेस्कोथिक, टिम साउदी, सारा टेलर और जीतन पटेल जैसे नाम भी शामिल हैं। पीटरसन के पास फ्रेंचाइजी क्रिकेट में मेंटर के तौर पर काम करने का अनुभव भी है। वह दिल्ली कैपिटल्स के साथ इस भूमिका में काम कर चुके हैं। इसलिए इंग्लैंड की टीम के साथ मेंटर की जिम्मेदारी उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव नहीं होगी।

दक्षिण अफ्रीका में जन्मे, इंग्लैंड के लिए बने बड़े सितारे
केविन पीटरसन का जन्म दक्षिण अफ्रीका के पीटरमैरिट्जबर्ग में हुआ था, लेकिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने 2004 में वनडे क्रिकेट के जरिए इंग्लैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया और इसके बाद टीम के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई। पीटरसन ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी, शानदार स्ट्रोक प्ले और दबाव में बड़े शॉट लगाने की क्षमता से अलग पहचान बनाई। उनकी बल्लेबाजी में खास तौर पर इनोवेटिव शॉट्स देखने को मिलते थे, जिसने उन्हें अपने दौर के सबसे चर्चित बल्लेबाजों में शामिल किया।

टेस्ट क्रिकेट में बनाए 8,000 से ज्यादा रन
पीटरसन ने इंग्लैंड के लिए 104 टेस्ट मैच खेले और इस दौरान 8,181 रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 23 शतक और 35 अर्धशतक दर्ज हैं। टेस्ट में उनका सर्वोच्च स्कोर 227 रन रहा। उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में से एक 2005 एशेज सीरीज में देखने को मिली। उस सीरीज में पीटरसन ने इंग्लैंड की एशेज जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और खुद को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बड़े बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया।
वनडे में भी रहा शानदार रिकॉर्ड
वनडे क्रिकेट में भी पीटरसन का रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा। उन्होंने इंग्लैंड के लिए 136 वनडे मैचों में 4,440 रन बनाए। इस फॉर्मेट में उनके नाम 9 शतक और 25 अर्धशतक रहे। टी20 इंटरनेशनल में भी उन्होंने इंग्लैंड के लिए 37 मुकाबले खेले और 1,176 रन बनाए। छोटे फॉर्मेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें आधुनिक टी20 क्रिकेट के शुरुआती दौर के प्रमुख बल्लेबाजों में पहचान दिलाई।
2010 में इंग्लैंड को बनाया टी20 वर्ल्ड चैंपियन
पीटरसन के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में 2010 का ICC T20 वर्ल्ड कप जीतना शामिल है। वेस्टइंडीज में खेले गए इस टूर्नामेंट के फाइनल में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर पहली बार पुरुष टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था। फाइनल में पीटरसन ने महत्वपूर्ण पारी खेली और उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया। यह उपलब्धि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के सबसे खास पड़ावों में गिनी जाती है।
कप्तानी का भी रहा अनुभव
पीटरसन ने इंग्लैंड की टेस्ट और वनडे टीम की कप्तानी भी की। कप्तान के तौर पर उनका कार्यकाल भले ही लंबा नहीं रहा, लेकिन टीम के सबसे अनुभवी और प्रभावशाली खिलाड़ियों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण थी। उन्होंने इंग्लैंड के लिए आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 2014 में खेला था। अब इतने वर्षों बाद इंग्लैंड की टीम के साथ आधिकारिक भूमिका में उनकी वापसी हो रही है।
पीटरसन बोले- इंग्लैंड की जर्सी से जुड़ना गर्व की बात
नई जिम्मेदारी मिलने पर पीटरसन ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारी में इंग्लैंड की मदद करने का मौका मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे अंतराल के बाद इंग्लैंड की जर्सी से दोबारा जुड़ना उनके लिए बेहद खास होगा। पीटरसन ने इंग्लैंड की मौजूदा व्हाइट-बॉल टीम की प्रतिभा की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि टीम में काफी टैलेंट है और वह खिलाड़ियों के साथ मिलकर उनकी क्षमता को पूरी तरह सामने लाने के लिए काम करने को लेकर उत्साहित हैं।
वर्ल्ड कप से पहले अनुभव का मिलेगा फायदा
पीटरसन का अंतरराष्ट्रीय अनुभव इंग्लैंड के लिए बड़ा फायदा साबित हो सकता है। एक खिलाड़ी के तौर पर उन्होंने बड़े टूर्नामेंट, एशेज और दबाव वाले मुकाबलों का सामना किया है। अब वही अनुभव वह मेंटर के तौर पर खिलाड़ियों के साथ साझा करेंगे। इंग्लैंड की नजर 2027 वनडे वर्ल्ड कप में मजबूत वापसी पर होगी और पीटरसन की नियुक्ति इसी लंबी तैयारी का अहम हिस्सा है। अब देखना होगा कि उनका अनुभव ब्रेंडन मैकुलम की टीम को वर्ल्ड कप तक कितना फायदा पहुंचाता है।