देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने चालू वित्त वर्ष के दौरान 12,000 नए कर्मचारियों की भर्ती करने और अपने बैंकिंग नेटवर्क का विस्तार करते हुए लगभग 250 नई शाखाएं खोलने का फैसला किया है। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) को दिए एक साक्षात्कार में एसबीआई के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यह नई नियुक्तियां क्लर्क और अधिकारी (ऑफिसर) दोनों कैडर में की जाएंगी, जिससे बैंकिंग क्षेत्र में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा होंगे।
क्लर्क और ऑफिसर कैडर में होंगी 12,000 नियुक्तियां
एसबीआई चेयरमैन सीएस शेट्टी ने भर्ती प्रक्रिया की जानकारी देते हुए कहा कि सेवानिवृत्ति और नई जरूरतों के आधार पर बैंक इस वर्ष 11,000 से 12,000 कर्मचारियों की भर्ती पर विचार कर रहा है। हालांकि, अंतिम संख्या रिटायरमेंट के आंकड़ों और तात्कालिक आवश्यकताओं के आधार पर थोड़ी बदल सकती है, लेकिन वित्त वर्ष के अंत तक यह आंकड़ा 12,000 के आसपास ही रहने की उम्मीद है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) विशेषज्ञों की भर्ती कम होगी, क्योंकि पिछले साल 1,500 विशेषज्ञ आईटी अधिकारी पहले ही नियुक्त किए जा चुके हैं।
नेटवर्क विस्तार: हर साल खुलेंगी 250 नई शाखाएं
एसबीआई का विशाल नेटवर्क होने के बावजूद बैंक प्रबंधन नए आवासीय और व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति और मजबूत करना चाहता है। चेयरमैन ने बताया कि बैंक अपनी शाखाओं के युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) की समीक्षा कर रहा है। इस रणनीति के तहत हर साल बैंक के नेटवर्क में 200 से 250 नई शाखाएं जोड़ी जाएंगी ताकि बैंकिंग सेवाओं से छूटे हुए इलाकों को कवर किया जा सके।
मार्च 2026 तक 2.45 लाख से अधिक था कर्मचारी बल
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया देश के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है। मार्च 2026 तक बैंक के कुल कर्मचारियों की संख्या 2,45,000 (2.45 लाख) से अधिक थी। वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, बैंक ने उस अवधि के दौरान 4,640 अधिकारी, 19,340 एसोसिएट्स (क्लर्क) और 1,653 संविदात्मक (कॉन्ट्रैक्ट) कर्मचारियों की भर्ती की थी, जिससे कुल नियुक्तियों का आंकड़ा 25,633 तक पहुंच गया था।
एनएसई आईपीओ के जरिए 1% हिस्सेदारी बेचेगा एसबीआई समूह
इसके अलावा, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रस्तावित 30,000 करोड़ रुपये के आईपीओ (IPO) के माध्यम से एसबीआई और उसकी सहायक कंपनी एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड (SBI Capital Markets Ltd) मिलकर अपनी 1 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी बेचेंगे। इसमें एसबीआई 0.65 प्रतिशत और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स 0.35 प्रतिशत शेयर बेचेगी। वर्तमान में एनएसई में एसबीआई की 3.23 प्रतिशत और एसबीआई कैप की 4.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि निकट भविष्य में किसी अन्य सहायक कंपनी की हिस्सेदारी बेचकर धन जुटाने की कोई योजना नहीं है।