उत्तराखंड सरकार प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर देने के लिए नई पहल शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ करेंगे।योजना के तहत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग के साथ गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं को घर बैठे तैयारी के लिए जरूरी संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर खास फोकस
सरकार का जोर उन युवाओं को अवसर देने पर है, जिन्हें आर्थिक कारणों से निजी कोचिंग लेने में परेशानी होती है। इसके अलावा ऐसे विद्यार्थी भी योजना से लाभान्वित हो सकेंगे, जिनके क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर कोचिंग संस्थान या विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं।ऑनलाइन माध्यम से विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलने से छात्रों को अपनी तैयारी के लिए अतिरिक्त संसाधन मिल सकेंगे और निजी कोचिंग पर होने वाला खर्च भी कम करने में मदद मिल सकती है।
पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को बड़ा फायदा
उत्तराखंड के पर्वतीय और दूरस्थ इलाकों में रहने वाले युवाओं के लिए यह योजना खास तौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बेहतर कोचिंग और विशेषज्ञ शिक्षकों की सुविधा के लिए कई विद्यार्थियों को अब तक देहरादून, दिल्ली या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था।नई ऑनलाइन सुविधा के बाद युवा अपने घर या स्थानीय स्तर से ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। इससे उन्हें शहरों में जाकर रहने, पढ़ाई और कोचिंग से जुड़े अतिरिक्त खर्च से भी राहत मिल सकती है।
घर बैठे मिलेंगे तैयारी के संसाधन
योजना का एक प्रमुख उद्देश्य यह है कि प्रतिभाशाली युवाओं की तैयारी केवल आर्थिक संसाधनों या भौगोलिक दूरी के कारण प्रभावित न हो। मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और अध्ययन सामग्री के जरिए उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है।मुख्यमंत्री धामी योजना के शुभारंभ के दौरान इसके उद्देश्यों और युवाओं को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी देंगे।
युवाओं को बेहतर अवसर देने की कोशिश
मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ को उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन शिक्षा का विकल्प विशेषज्ञ मार्गदर्शन तक उनकी पहुंच आसान कर सकता है।सरकार का लक्ष्य युवाओं को बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना और आर्थिक व भौगोलिक बाधाओं को कम करना है।