भोपाल: भारतीय जनता पार्टी ने भोपाल जिला संगठन की नई कार्यसमिति का ऐलान कर दिया है। रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे जिला कार्यसमिति की सूची जारी की गई। प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल की सहमति के बाद जिलाध्यक्ष रविन्द्र यती ने नई जिला कार्यसमिति की घोषणा की।
नई टीम में कुल 90 नेताओं को शामिल किया गया है। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं और सक्रिय पदाधिकारियों को भी कार्यसमिति में अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।
प्रदेश अध्यक्ष की सहमति के बाद जारी हुई सूची
भोपाल बीजेपी की नई जिला कार्यसमिति का गठन संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश नेतृत्व की सहमति मिलने के बाद जिलाध्यक्ष रविन्द्र यती ने कार्यसमिति के सदस्यों की सूची जारी की।कार्यसमिति में जिला कार्यकारिणी सदस्य, स्थायी आमंत्रित सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल किए गए हैं। इसके जरिए पार्टी ने जिला संगठन में अलग-अलग स्तर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्रतिनिधित्व दिया है।
सुरेश पचौरी को स्थायी आमंत्रित सदस्य की जिम्मेदारी
नई कार्यसमिति में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी को स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। पचौरी के अलावा कई वरिष्ठ नेताओं और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों को भी नई टीम में स्थान दिया गया है।वरिष्ठ नेताओं को संगठनात्मक ढांचे में शामिल करने के साथ सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारी दिए जाने से पार्टी के जिला संगठन को व्यापक प्रतिनिधित्व मिलने की बात कही जा रही है।
अनुभवी नेताओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं का संतुलन
नई जिला कार्यसमिति में अनुभवी नेताओं के साथ संगठन में सक्रिय कार्यकर्ताओं को भी जगह दी गई है। पार्टी की नई टीम में विभिन्न स्तर के नेताओं को शामिल कर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने की कोशिश की गई है।नई कार्यसमिति के गठन के बाद अब जिला संगठन की आगामी गतिविधियों और कार्यक्रमों में इन नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए संगठन को मजबूत करने की तैयारी
बीजेपी की नई जिला कार्यसमिति के गठन को आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। पार्टी संगठन को बूथ और जिला स्तर पर मजबूत करने के साथ कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने पर जोर दे सकती है।90 नेताओं को शामिल कर बनाई गई नई टीम के जरिए भोपाल में संगठनात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने की कोशिश की गई है।