मध्यप्रदेश में मानसून का असर अब कुछ इलाकों तक सीमित होता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में ग्वालियर में सबसे ज्यादा 81.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में 1 जून से 6 सितंबर 2026 तक करीब 30.95 इंच बारिश हो चुकी है।हालांकि, सामान्य बारिश के मुकाबले प्रदेश में अभी भी 6 फीसदी कम पानी बरसा है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश सामान्य से 2 फीसदी अधिक है, जबकि पश्चिमी मध्यप्रदेश में सामान्य से 12 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।
अगले पांच दिनों तक प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में हल्की से लेकर भारी बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।वहीं, 7 सितंबर से पश्चिमी मध्यप्रदेश में भारी बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना जताई गई है।
6 से 7 सितंबर: 13 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
6 सितंबर की सुबह 8:30 बजे से 7 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।इन जिलों में गरज-चमक के साथ 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना भी है।
7 से 8 सितंबर: इन 6 जिलों में भारी बारिश
7 सितंबर की सुबह से 8 सितंबर की सुबह तक रीवा, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कहीं-कहीं भारी बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। इस दौरान 40 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।
8 से 9 सितंबर: रीवा-सतना समेत 6 जिलों में अलर्ट
8 सितंबर से 9 सितंबर की सुबह तक रीवा, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी और मऊगंज में भारी बारिश की संभावना है। गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
9 से 10 सितंबर: 7 जिलों में बारिश के आसार
9 सितंबर से 10 सितंबर की सुबह तक रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और मंडला में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
10 से 11 सितंबर: पूर्वी MP में फिर सक्रिय रहेगा मानसून
10 सितंबर की सुबह से 11 सितंबर की सुबह तक मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
पश्चिमी MP में बारिश की गतिविधियां होंगी कम
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश का मुख्य प्रभाव प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल सकता है। इसके मुकाबले पश्चिमी मध्यप्रदेश में 7 सितंबर से भारी बारिश की गतिविधियां कम होने के आसार हैं।प्रदेश में अब तक हुई बारिश के बावजूद कुल आंकड़ा सामान्य से 6 फीसदी कम है। पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के बारिश के आंकड़ों में भी अंतर बना हुआ है।