सागर जिले के बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब पीने से लोगों की मौत के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद अब पुलिस विभाग के अधिकारियों पर भी गाज गिरी है।प्रशासन ने बंडा थाना प्रभारी और गूगरा चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है। इससे पहले तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया था, जबकि एक अधिकारी को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया था।
इन 3 आबकारी अधिकारियों पर पहले हुई कार्रवाई
मामले में सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त की आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित किया जा चुका है।वहीं, उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को सागर जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है।इस तरह नकली शराब मामले में अब तक आबकारी और पुलिस विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
बंडा के तीन गांवों में हुई थी मौतें
यह मामला सागर जिले की बंडा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों से जुड़ा है। यहां नकली शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने और कुछ लोगों की मौत की जानकारी सामने आई थी।घटना के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मुख्यमंत्री ने मामले की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
CM ने कहा था- दोषी नहीं बचेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह ही मामले को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा था कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।उन्होंने प्रभारी मंत्री और अधिकारियों को तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में राहत और उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा था।
वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे थे प्रभावित क्षेत्र
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे थे।अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती मरीजों के उपचार और चिकित्सा व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया था।
अब पुलिस विभाग पर भी गिरी गाज
नकली शराब मामले में आबकारी विभाग के बाद पुलिस अधिकारियों पर हुई कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। बंडा थाना प्रभारी और गूगरा चौकी प्रभारी के निलंबन के बाद मामले में जिम्मेदारी तय करने की कार्रवाई आगे बढ़ी है।फिलहाल प्रशासन का फोकस प्रभावित लोगों को राहत और उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई पर है।