भोपाल: मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिवाली से पहले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी की उम्मीद है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि राज्य सरकार महंगाई भत्ते और राहत में कुल 5 प्रतिशत की वृद्धि करे। अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो प्रदेश के करीब 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा मिल सकता है। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के बाद मध्यप्रदेश के कर्मचारी भी राज्य सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार से कर्मचारियों को उम्मीद है कि लंबित बढ़ोतरी को लेकर जल्द निर्णय लिया जा सकता है।
MP में अभी कितना मिल रहा DA और DR?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों को फिलहाल 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनर्स को 58 प्रतिशत महंगाई राहत (DR) मिल रही है।कर्मचारी संगठनों का कहना है कि केंद्र और राज्य के महंगाई भत्ते में अंतर को देखते हुए राज्य सरकार को भी बढ़ोतरी का लाभ देना चाहिए। कर्मचारियों की मांग जनवरी 2026 से लंबित 2 प्रतिशत और जुलाई 2026 से देय 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को लेकर है।दोनों किस्तों को मिलाकर कुल 5 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की जा रही है। हालांकि, यह मांग है और इसे राज्य सरकार की ओर से मंजूर किया जाना अभी बाकी है।
केंद्र और मध्यप्रदेश के DA में कितना अंतर?
कर्मचारी संगठनों के मुताबिक, केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ते में वृद्धि किए जाने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और मध्यप्रदेश के कर्मचारियों के DA में अंतर बढ़ गया है।
मध्यप्रदेश के कर्मचारी: 58% DA
मध्यप्रदेश के पेंशनर्स: 58% DR
प्रस्तावित बढ़ोतरी: 5 प्रतिशत
कर्मचारियों की मांग: जनवरी और जुलाई 2026 की लंबित किस्तों का लाभ
यदि राज्य सरकार 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों का DA मौजूदा 58 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो सकता है। पेंशनर्स की DR भी इसी अनुपात में बढ़ सकती है, बशर्ते सरकार संबंधित नियमों के तहत इसकी मंजूरी दे।
अधिकारियों को हर महीने ₹7,500 तक का फायदा?
अगर मध्यप्रदेश सरकार 5 प्रतिशत DA बढ़ाने का फैसला करती है, तो कर्मचारियों की मासिक सैलरी में बढ़ोतरी होगी। उपलब्ध अनुमान के मुताबिक, प्रथम श्रेणी के कुछ अधिकारियों को हर महीने ₹7,500 या उससे अधिक का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है। कम मूल वेतन वाले कर्मचारियों को अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी मिलेगी।महंगाई भत्ते की गणना मूल वेतन के आधार पर होती है। इसलिए सभी कर्मचारियों की सैलरी में समान राशि का इजाफा नहीं होगा।
DA बढ़ाने की मांग को लेकर 4 नवंबर को प्रदर्शन
मध्यप्रदेश में महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में बढ़ोतरी की मांग को लेकर कर्मचारी संगठन लगातार आवाज उठा रहे हैं। मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने 22 अक्टूबर को गवर्नमेंट प्रेस के पास प्रदर्शन किया था।अब लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ और अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने 4 नवंबर को सतपुड़ा भवन के सामने ध्यानाकर्षण प्रदर्शन करने का फैसला किया है।कर्मचारी संगठनों का कहना है कि केंद्र और राज्य के महंगाई भत्ते में अंतर के कारण प्रदेश के कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। उनकी मांग है कि लंबित किस्तों का भुगतान जल्द किया जाए।