नई दिल्ली: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। सुबह सरगी खाने के बाद शुरू होने वाला उपवास रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद पूरा किया जाता है। ऐसे में महिलाओं को चांद निकलने का बेसब्री से इंतजार रहता है।
भारत के अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय का समय अलग-अलग होता है। इसकी वजह शहरों की भौगोलिक स्थिति, देशांतर और चंद्रमा की वास्तविक स्थिति है। ऐसे में सवाल उठता है कि देश में करवा चौथ का चांद सबसे पहले कहां दिखाई देता है और दिल्ली, भोपाल, मुंबई समेत प्रमुख शहरों में चांद कितने बजे निकलेगा?
देश में सबसे पहले कहां दिखाई देता है करवा चौथ का चांद?
भारत के पूर्वी हिस्से में स्थित शहरों में आमतौर पर पश्चिमी शहरों की तुलना में चंद्रमा पहले दिखाई देता है। अरुणाचल प्रदेश और असम के पूर्वी इलाकों में चंद्रोदय का समय कई पश्चिमी शहरों से पहले हो सकता है।
पूर्वी भारत में जल्दी क्यों होता है चंद्रोदय?
पृथ्वी पश्चिम से पूर्व दिशा में घूमती है। इसी कारण सूर्य और चंद्रमा सामान्य रूप से पूर्व दिशा से उदय होते दिखाई देते हैं। भारत के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच देशांतर का अंतर होने से स्थानीय खगोलीय घटनाओं के समय में भी अंतर आता है।इसी वजह से पूर्वी भारत के कई शहरों में चंद्रमा पश्चिमी भारत के शहरों की तुलना में पहले दिखाई दे सकता है।
दिल्ली, भोपाल और मुंबई में कब दिखता है चांद?
करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय हर साल बदल सकता है। अलग-अलग पंचांगों में दिए गए समय में भी कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। आपकी दी गई जानकारी के अनुसार, प्रमुख शहरों के अनुमानित समय इस प्रकार हैं।
शहर चांद निकलने का अनुमानित समय
कोलकाता रात 7:47–7:48 बजे
पटना रात 7:47–7:48 बजे
कानपुर रात 8:05 बजे
वाराणसी रात 8:05 बजे
देहरादून रात 8:14 बजे
दिल्ली रात 8:17 बजे
नोएडा रात 8:17 बजे
चंडीगढ़ रात 8:18 बजे
जयपुर रात 8:31 बजे
भोपाल रात 8:33 बजे
हैदराबाद रात 8:41 बजे
बेंगलुरु रात 8:51–8:55 बजे
अहमदाबाद रात 8:53 बजे
मुंबई रात 9:00 बजे
मध्यप्रदेश में कब निकलेगा करवा चौथ का चांद?
मध्यप्रदेश में भी शहर के अनुसार चंद्रोदय का समय अलग हो सकता है। भोपाल के लिए रात करीब 8:33 बजे का समय दिया गया है। व्रत रखने वाली महिलाओं को ध्यान रखना चाहिए कि चंद्रमा के उदय का निर्धारित समय और बादलों के कारण चंद्रमा दिखाई देने का समय अलग हो सकता है। आसमान में बादल होने पर चांद के दर्शन में देरी भी हो सकती है।
चांद निकलने के बाद कैसे खोलें व्रत?
करवा चौथ की परंपरा के अनुसार, महिलाएं चंद्रमा निकलने के बाद उनकी पूजा करती हैं और जल अर्पित कर अर्घ्य देती हैं। कई परिवारों में महिलाएं छलनी से पहले चंद्रमा और फिर अपने पति का चेहरा देखती हैं।इसके बाद पति के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत खोलने की परंपरा है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पूजा की विधि में कुछ अंतर हो सकता है, इसलिए अपने परिवार की परंपरा के अनुसार पूजन किया जा सकता है।