भोपाल - मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए भाजपा का उम्मीदवार बनाए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पुरी का नाम एपस्टीन फाइल्स से जुड़े विवाद में सामने आने का जिक्र करते हुए भाजपा पर निशाना साधा और पूछा कि आखिर पार्टी किससे ब्लैकमेल हो रही है। सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा मध्य प्रदेश को अपने राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल कर रही है।
राज्यसभा टिकट को लेकर भाजपा पर निशाना
उमंग सिंघार ने हरदीप सिंह पुरी की उम्मीदवारी को लेकर भाजपा से सवाल किए। उनका आरोप है कि राज्यसभा जैसे महत्वपूर्ण पद के लिए उम्मीदवार चुनते समय पार्टी को विवादों और उनसे जुड़े सवालों पर स्पष्टता देनी चाहिए। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब पुरी और अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच पूर्व में हुई मुलाकातों और ईमेल संवाद को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है। पुरी की ओर से इन मुलाकातों को पेशेवर संदर्भ में बताया गया है। हालांकि, विपक्ष इस मामले में और स्पष्टीकरण मांग रहा है।
कूनो में चीता शावक की मौत पर भी सरकार को घेरा
उमंग सिंघार ने कूनो क्षेत्र में चीता शावक की मौत और उसके शरीर से गोली के छर्रे मिलने की घटना पर भी चिंता जताई। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस मामले में केंद्र सरकार ने 28 अक्टूबर 2026 को उच्चस्तरीय जांच टीम गठित करने की जानकारी दी। आधिकारिक बयान के मुताबिक, 19 महीने के नर चीते की मौत गोली के छर्रों से लगी चोटों के कारण हुई। राज्य सरकार ने भी मामले की जांच के लिए वन और पुलिस अधिकारियों की विशेष कार्यबल गठित किया है।
जांच और जवाबदेही की मांग
चीते की मौत ने वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षित क्षेत्र से बाहर उनकी निगरानी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। सिंघार ने इस घटना पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि चीते को गोली किसने और किन परिस्थितियों में मारी। उमंग सिंघार ने हरदीप सिंह पुरी की राज्यसभा उम्मीदवारी और कूनो में चीते की मौत—दोनों मुद्दों पर भाजपा तथा राज्य सरकार को घेरा है। एक ओर एपस्टीन से जुड़े विवाद पर राजनीतिक सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चीते की मौत की जांच में दोषियों की पहचान करना अहम होगा।