कोलकाता: शहर की सड़कों और फुटपाथों पर अवैध कब्जे के खिलाफ शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 1 और 2 का निरीक्षण करने पहुंचीं मंत्री ने अधिकारियों को अतिक्रमण हटाने और आम लोगों के लिए रास्तों को सुगम बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने रामलीला मैदान में अवैध पार्किंग हटाकर उसे खेलकूद के लिए विकसित करने की योजना पर भी जोर दिया। निर्देशों के पालन की समीक्षा के लिए अग्निमित्रा पाल 15 दिन बाद दोबारा इन इलाकों का दौरा करेंगी।
वार्ड नंबर 1 और 2 में अतिक्रमण हटाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अग्निमित्रा पाल ने विभिन्न सड़कों और फुटपाथों पर कब्जे की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों और नगर निगम के अधिकारियों से बातचीत कर यह सुनिश्चित करने को कहा कि अतिक्रमण के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। मंत्री ने फुटपाथों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करने और रास्तों को खाली कराने के निर्देश दिए।
रामलीला मैदान से हटेगी अवैध पार्किंग
रामलीला मैदान की स्थिति पर विशेष ध्यान देते हुए मंत्री ने वहां अवैध पार्किंग बंद कराने का निर्देश दिया। उनकी योजना मैदान को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाकर खेलकूद के लिए उपयोगी स्थान के रूप में विकसित करने की है। इससे स्थानीय निवासियों को खेलने और अन्य गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों को जिम्मेदारी
अग्निमित्रा पाल ने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों को मिलकर काम करना होगा। सड़कों और फुटपाथों को कब्जे से मुक्त कराने के साथ-साथ आम लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाना इस कार्रवाई का प्रमुख उद्देश्य है।
15 दिन बाद फिर होगा निरीक्षण
मंत्री ने निर्देशों के पालन को लेकर भी स्पष्ट रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों बाद वह वार्ड नंबर 1 और 2 का फिर से निरीक्षण करेंगी। इस दौरान अतिक्रमण हटाने और रामलीला मैदान को व्यवस्थित करने की दिशा में हुई कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी तय समयसीमा के भीतर इन निर्देशों पर कितना अमल कर पाते हैं।