मुंबई | भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार सातवें कारोबारी सत्र में गिरावट देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों, आईटी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली तथा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले से पहले भी बाजार में सतर्कता बनी रही। कारोबार की शुरुआत लाल निशान में हुई और दिन के दौरान बीएसई सेंसेक्स 826 अंक से ज्यादा फिसल गया, जबकि निफ्टी 50 भी 22,600 के स्तर से नीचे पहुंच गया।
सेंसेक्स 345 अंक और निफ्टी 71 अंक गिरकर खुले
बुधवार को शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 345.23 अंक यानी 0.46% गिरकर 73,253.44 पर खुला। एनएसई निफ्टी 50 भी 71.75 अंक यानी 0.32% की गिरावट के साथ 22,678.00 पर खुला। वहीं, बैंक निफ्टी 181.65 अंक यानी 0.34% गिरकर 53,793.25 पर खुला। शुरुआती गिरावट से संकेत मिला कि निवेशक वैश्विक घटनाक्रम और आगामी नीतिगत फैसलों को लेकर सतर्क बने हुए हैं।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स 826 अंक तक फिसला
दिन के कारोबार में बिकवाली का दबाव बढ़ने पर सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 73,598.67 से 826.19 अंक यानी 1.12% गिरकर 72,772.48 के निचले स्तर तक पहुंच गया। निफ्टी 50 भी अपने पिछले बंद स्तर 22,749.75 से 209.05 अंक यानी 0.91% गिरकर 22,540.70 के दिन के निचले स्तर पर आ गया।
IT और FMCG शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
सेक्टरवार कारोबार में आईटी और एफएमसीजी शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 3.2% और निफ्टी एफएमसीजी में 1.63% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे। ऑटो इंडेक्स में 0.36% की बढ़त रही। व्यापक बाजार में भी मिला-जुला रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.41% की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.6% की तेजी दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में तेजी, कोस्पी 6.2% उछला
भारतीय बाजार में गिरावट के बीच प्रमुख एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चीन का शंघाई इंडेक्स 0.87% और शेन्ज़ेन इंडेक्स 2.19% चढ़ा। जापान का निक्केई 1.26% और हांगकांग का हैंग सेंग 0.38% बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 6.2% ऊपर रहा। अमेरिकी शेयर बाजार भी मंगलवार रात बढ़त के साथ बंद हुए। नैस्डैक में 1.18%, एसएंडपी 500 में 0.6% और डाउ जोंस में 0.03% की तेजी दर्ज की गई।
FII-DII निवेश और फेड के फैसले पर नजर
27 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 4,240 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,250 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। आगे बाजार की दिशा पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले, कच्चे तेल की कीमतें, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कंपनियों के तिमाही नतीजों का असर पड़ सकता है। निवेशक इन संकेतों पर नजर रखेंगे, क्योंकि इनसे बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।