मध्यप्रदेश समाचार | भोपाल के आईएसबीटी (ISBT) बस टर्मिनल में आगजनी की घटना के बाद नगर निगम प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। परिसर में लंबे समय से खड़ी और संचालन से बाहर निजी बसों को हटाया जाएगा। इसके लिए संबंधित बस संचालकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। साथ ही नियमित रूप से चलने वाली बसों के ठहरने की समयसीमा भी तय की जाएगी। रविवार शाम वर्मा ट्रेवल्स की बसों में आग लग गई थी। एक बस से शुरू हुई आग ने आसपास खड़ी अन्य बसों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में करीब आठ बसें प्रभावित हुई थीं। इनमें नागपुर, अहमदाबाद और सूरत रूट पर चलने वाली बसें भी शामिल थीं।
नगर निगम आयुक्त ने किया ISBT का निरीक्षण
घटना के बाद मंगलवार को नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने आईएसबीटी परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने और लंबे समय से खड़ी बसों को हटाने के निर्देश दिए। निरीक्षण में सामने आया कि चार बसें 24 जुलाई 2026 से परिसर में खड़ी थीं। इन बसों के नंबर MP04-P0297, MP04-A3753, MP04-AE3073 और MP04-EA4345 बताए गए हैं। आयुक्त ने संबंधित बस संचालकों से जुलाई से अब तक का निर्धारित किराया वसूलने और बसों को परिसर से हटाने के निर्देश दिए। लंबे समय तक बसों के खड़े रहने से टर्मिनल की व्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ने वाले असर को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।
नियमित बसों के ठहरने का समय होगा तय
नगर निगम अब आईएसबीटी में बसों के संचालन और ठहराव को व्यवस्थित करने की तैयारी कर रहा है। नई व्यवस्था के तहत नियमित संचालन वाली बसों को यात्रियों को बैठाने और उतारने के लिए निर्धारित समय तक ही परिसर में रुकने की अनुमति होगी। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए ट्रेवल्स एजेंसी संचालकों के साथ बैठक की जाएगी। बैठक में बसों के ठहराव, संचालन और परिसर के बेहतर इस्तेमाल से जुड़े नियमों पर चर्चा होगी।
ISBT में फायर हाइड्रेंट लगाने के निर्देश
बस अग्निकांड के बाद नगर निगम ने टर्मिनल की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया है। आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने परिसर में फायर हाइड्रेंट स्थापित करने और बिजली की वायरिंग की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा आईएसबीटी परिसर में नियमित सफाई और धुलाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। परिसर में रखी साइकिल और ई-साइकिल के संचालन के लिए पीपीपी मॉडल पर टेंडर जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बस टर्मिनल की व्यवस्था सुधारने पर जोर
नगर निगम की इस कार्रवाई का उद्देश्य आईएसबीटी परिसर में अनावश्यक रूप से खड़ी बसों को हटाना, बसों की आवाजाही व्यवस्थित करना और अग्नि सुरक्षा के इंतजाम बेहतर बनाना है। आगजनी की घटना के बाद प्रशासन अब बस संचालकों के लिए ठहराव के नियमों को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में कदम उठा रहा है।