बेंगलुरु - कर्नाटक में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 27 अक्टूबर को पूरी होने की जानकारी दी गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस प्रक्रिया के बाद राज्य की मतदाता सूची में कुल 4,54,55,689 मतदाता दर्ज हैं। शुरुआती सूची में लगभग 5.5 करोड़ मतदाता होने के मुकाबले यह संख्या करीब 99.76 लाख कम बताई गई है।
पुनरीक्षण के दौरान अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट मतदाताओं सहित विभिन्न श्रेणियों के नामों की जांच की गई। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल करना है।
ड्राफ्ट सूची से हटाए गए थे करीब 1.08 करोड़ नाम
दी गई जानकारी के अनुसार, 16 जून को मतदाता सूची को फ्रीज किए जाने के समय कर्नाटक में लगभग 5.5 करोड़ मतदाता थे। इसके बाद जांच के दौरान 24 अगस्त को जारी ड्राफ्ट सूची में करीब 1.08 करोड़ नाम हटाए गए थे। यह संख्या शुरुआती मतदाता संख्या का लगभग 19.48 प्रतिशत बताई गई।हटाए गए नामों को ASDDO श्रेणियों में रखा गया था। इनमें अनुपस्थित (Absent), स्थायी रूप से स्थानांतरित (Shifted), मृत (Dead), डुप्लिकेट (Duplicate) और अन्य श्रेणियों के मतदाता शामिल थे।
स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक
आंकड़ों के मुताबिक, ड्राफ्ट सूची से हटाए गए मतदाताओं में सबसे बड़ा हिस्सा उन लोगों का था, जिन्हें स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित माना गया। इस श्रेणी में लगभग 65.45 लाख मतदाता शामिल बताए गए हैं। हालांकि, किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट सूची से हटने का अर्थ यह नहीं है कि वह स्वतः अंतिम सूची से भी बाहर हो गया। पुनरीक्षण के दौरान संबंधित मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया जाता है, जिसके बाद दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जाती है।
नोटिस के बाद कितने नाम अंतिम सूची से हटे?
दी गई जानकारी के अनुसार, नोटिस चरण में 43.82 लाख मामलों में से लगभग 43.2 लाख लोगों को अंतिम सूची में शामिल किया गया। वहीं, नोटिस के बाद 61,867 मतदाताओं के नाम अंतिम सूची से बाहर किए जाने की बात कही गई है। 24 अगस्त से शुरू हुए दावे और आपत्तियों के चरण में ड्राफ्ट सूची में शामिल मतदाताओं के मामलों की जांच की गई। अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि लगभग 43.8 लाख लोगों को नोटिस जारी किए गए और करीब 60 हजार नाम अंतिम सूची से हटाए गए।
30 से 39 साल के मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कर्नाटक में 30 से 39 वर्ष के आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। इस वर्ग में करीब 1.02 करोड़ मतदाता दर्ज बताए गए हैं। वहीं, 20 से 29 वर्ष की आयु के लगभग 86.56 लाख मतदाता हैं। इसके अलावा, करीब 6.83 लाख नए मतदाताओं के नाम शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है।
महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक
कर्नाटक की मतदाता सूची में महिलाओं की संख्या पुरुषों से लगभग चार लाख अधिक बताई गई है। यह आंकड़ा राज्य में महिला मतदाताओं की भागीदारी को दर्शाता है। महत्वपूर्ण: अंतिम सूची के कुल मतदाताओं, हटाए गए नामों, आयु वर्गों और नोटिस संबंधी आंकड़ों की निर्वाचन आयोग के आधिकारिक दस्तावेजों से पुष्टि जरूरी है। शुरुआती संख्या और अंतिम सूची के बीच बताई गई कुल कमी तथा अलग-अलग चरणों के आंकड़ों में अंतर होने के कारण प्रकाशन से पहले सभी संख्याओं का मिलान किया जाना चाहिए।