भोपाल | पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश से खाली हुई राज्यसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन चल रहा है। प्रदेश संगठन विभिन्न सामाजिक वर्गों से जुड़े नेताओं के नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजने की तैयारी में है। इस संभावित पैनल में दलित, सवर्ण और आदिवासी वर्ग से आने वाले नेताओं के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक किसी उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
राज्यसभा सीट के लिए इन नामों की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के संभावित पैनल में कई वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हो सकते हैं। इनमें पूर्व मंत्री और मौजूदा जनप्रतिनिधि शामिल हैं।
दलित वर्ग से
लाल सिंह आर्य, पूर्व मंत्री
सवर्ण वर्ग से
अरविंद भदौरिया, पूर्व मंत्री
आदिवासी वर्ग से
- सुमेर सिंह सोलंकी, सांसद
- रंजना बघेल, पूर्व मंत्री
- अमर सिंह
- इन नामों को लेकर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, ये संभावित नाम हैं और अंतिम उम्मीदवार को लेकर पार्टी का आधिकारिक निर्णय अभी सामने आना बाकी है।
केंद्रीय नेतृत्व लगाएगा उम्मीदवार के नाम पर मुहर
राज्यसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व अंतिम निर्णय करेगा। प्रदेश संगठन की ओर से भेजे जाने वाले नामों पर विचार के बाद केंद्रीय संसदीय बोर्ड उम्मीदवार का चयन कर सकता है। राजनीतिक चर्चाओं के बीच यह संभावना भी जताई जा रही है कि पार्टी मध्य प्रदेश के पैनल से बाहर किसी दूसरे राज्य के नेता या राष्ट्रीय स्तर के किसी प्रमुख चेहरे को भी उम्मीदवार बना सकती है। ऐसे में अंतिम घोषणा तक कई नामों पर अटकलें जारी रह सकती हैं।
2 नवंबर तक दाखिल किए जा सकेंगे नामांकन
राज्यसभा की इस खाली सीट को भरने के लिए उपचुनाव की प्रक्रिया जारी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 2 नवंबर बताई गई है। ऐसे में बीजेपी जल्द ही उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर सकती है।
संख्या बल से बीजेपी की स्थिति मजबूत
मध्य प्रदेश विधानसभा में संख्या बल को देखते हुए इस सीट पर बीजेपी की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। इसी कारण पार्टी के उम्मीदवार की जीत की संभावना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, निर्विरोध चुनाव होगा या मतदान की नौबत आएगी, यह नामांकन और चुनाव प्रक्रिया के अगले चरणों पर निर्भर करेगा। फिलहाल सभी की नजरें बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि पार्टी संभावित पैनल में शामिल किसी नेता पर भरोसा जताती है या उम्मीदवार के चयन में कोई नया नाम सामने आता है।