मुंबई - बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इस हमले के पीछे कथित तौर पर वसूली, गैंग का वर्चस्व स्थापित करने और लोगों में दहशत फैलाने का मकसद था। जांच के दौरान आरोपियों के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा भी किया गया है।
वसूली और दहशत फैलाने के लिए बनाया गया निशाना?
मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने के पीछे कथित तौर पर आर्थिक वसूली और इलाके में गैंग का दबदबा कायम करने की मंशा थी। पुलिस का दावा है कि इस वारदात के जरिए लोगों के बीच डर का माहौल पैदा करने की कोशिश की गई। जांच एजेंसी के अनुसार, मामले में सामने आए आरोपी एक संगठित अपराध गिरोह के सक्रिय सदस्यों के रूप में काम कर रहे थे। पुलिस इस घटना को पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा मानकर जांच कर रही है।
घातक हथियारों के इस्तेमाल का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित साजिश के तहत अवैध और घातक हथियारों का इस्तेमाल करते हुए अभिनेता को निशाना बनाया। क्राइम ब्रांच मामले में आरोपियों की भूमिका और गैंग से उनके कथित संबंधों की जांच कर रही है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन का दावा
मुंबई पुलिस ने जांच के आधार पर आरोपियों के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, हमले का मकसद केवल अभिनेता को निशाना बनाना नहीं, बल्कि वसूली और गैंग का प्रभाव बढ़ाने के साथ दहशत का माहौल बनाना भी हो सकता है।
हालांकि, मामले में आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और गैंग से उनके कथित संबंधों को अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया में आरोपों की पुष्टि होना बाकी है।