मालदा:पश्चिम बंगाल के दक्षिण-पश्चिम कोलकाता स्थित सरसुना में हुई अमानवीय बर्बरता और उत्तर 24 परगना के गायघाटा में रेप के आरोपी के पुलिस मुठभेड़ में ढेर होने की घटनाओं पर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मालदा के इंग्लिश बाजार से भाजपा विधायक और विधानसभा में सरकार के मुख्य सचेतक (Chief Whip) अमलान भादुड़ी ने इन दोनों संवेदनशील मामलों पर अपनी सख्त प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध चाहे किसी भी स्तर का हो, कानून हाथ में लेने वालों और जघन्य वारदातों को अंजाम देकर भागने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस का कड़ा रुख पूरी तरह न्यायसंगत है।
सरसुना की बर्बरता पर फूटा गुस्सा: 'दोषियों को मिले कठोरतम सजा'
कोलकाता के सरसुना इलाके में एक नाबालिग लड़की से जुड़े विवाद के बाद किशोर, उसके पिता और दोस्त को बंधक बनाकर कपड़े उतारने, मारपीट करने और हथियार की नोक पर घुमाने की घिनौनी घटना पर अमलान भादुड़ी ने गहरा आक्रोश जताया। गलत काम करने वालों को सजा जरूरी: उन्होंने दो-टूक कहा कि जिन लोगों ने भी यह कृत्य किया है, उन्होंने बेहद गलत काम किया है और ऐसे तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। कानून हाथ में लेने का हक किसी को नहीं: उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में कानून व्यवस्था मौजूद है। यदि कोई विवाद या अपराध था तो पुलिस को सूचित किया जाना चाहिए था, न कि खुद कानून अपने हाथ में लेकर ऐसी मध्ययुगीन बर्बरता की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मांग की कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी धाराएं लगाकर कड़ी सजा (Strong Punishment) दिलाई जाए।
गायघाटा एनकाउंटर पर रुख: 'रेप और मर्डर जैसे जघन्य अपराधों में यही हश्र होगा'
उत्तर 24 परगना के गायघाटा में 11वीं की छात्रा से दुष्कर्म और हत्या के मामले में आरोपी के क्राइम सीन से भागने और पुलिस पर हमले के दौरान हुई मुठभेड़ (Encounter) को अमलान भादुड़ी ने पूरी तरह कानून के दायरे में बताया। हेनियस क्राइम और पुलिस की आत्मरक्षा: विधायक ने कहा कि रेप और मर्डर जैसे जघन्य (Heinous) अपराधों में गिरफ्तार आरोपी जब पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास करेगा और सुरक्षाकर्मियों पर हमला बोलेगा, तो पुलिस अपनी ड्यूटी निभाएगी। कानून के तहत ही पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की है। अपराधियों को सबक: उन्होंने कहा कि जो अपराधी ऐसी दरिंदगी करते हैं और फिर कानून को ठेंगा दिखाकर भागने की कोशिश करते हैं, उनके साथ यही होना स्वाभाविक है। ऐसे दुर्दांत अपराधियों को समाज में कड़ा संदेश जाना ही चाहिए।
यूपी मॉडल की चर्चा को नकारा: 'यह यूपी मॉडल नहीं, कानून का राज है'
पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल—कि क्या बंगाल में भी 'यूपी मॉडल' (UP Model) की तर्ज पर एनकाउंटर संस्कृति शुरू हो गई है—पर अमलान भादुड़ी ने इस तुलना को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यहां किसी 'यूपी मॉडल' का सवाल ही नहीं उठता। अपराधी अगर पुलिस हिरासत से हथियार छीनकर भागने की कोशिश करेगा या जवानों पर जानलेवा हमला करेगा, तो पुलिस के पास आत्मरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गोली चलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। उन्होंने दोहराया कि राज्य में अपराध मुक्त माहौल बनाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपराधियों के मन में पुलिस और कानून का खौफ होना अत्यंत आवश्यक है।