रायपुर: बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर छत्तीसगढ़ में दिखाई देने लगा है। रायगढ़ में सुबह से बूंदाबांदी हो रही है, जबकि दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। खराब मौसम को देखते हुए जगदलपुर समेत बस्तर और सुकमा जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। दुर्ग में भी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है।
दक्षिण छत्तीसगढ़ में तूफान का ज्यादा असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर को दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में चक्रवात का प्रभाव अधिक रह सकता है। कई स्थानों पर भारी बारिश होने, जबकि एक-दो जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का खतरा भी है। रायगढ़ में सुबह से हो रही बूंदाबांदी के बीच प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम बदलने की संभावना है।
बस्तर, सुकमा और दुर्ग में स्कूलों की छुट्टी
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जगदलपुर समेत बस्तर और सुकमा जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। दुर्ग में भी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए।
29 अक्टूबर को उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, 29 अक्टूबर को भी चक्रवात का असर बना रह सकता है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मध्यम बारिश होने का अनुमान है। वहीं, उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।इस दौरान गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
27 अक्टूबर से ही बदलने लगा था मौसम
छत्तीसगढ़ में 27 अक्टूबर से ही चक्रवात का असर दिखाई देने लगा था। रायपुर समेत कई जिलों में मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहे। इसके कारण दिन का तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। रात के समय भी ठंडी हवाएं चलती रहीं।मौसम में आए इस बदलाव के बाद अब दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में भारी बारिश और तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
विशाखापट्टनम तट से टकराया तूफान
दी गई जानकारी के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ बुधवार सुबह करीब 3:30 बजे आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम तट से टकराया। तूफान के लैंडफॉल की प्रक्रिया लगभग तीन घंटे तक चली। इस दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे बताई गई।तूफान के आगे बढ़ने के साथ छत्तीसगढ़ में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।