रायपुर: छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार भी किसानों को धान बेचने के लिए टोकन लेने सोसायटियों में लंबी कतारें नहीं लगानी पड़ेंगी। किसान घर बैठे मोबाइल से ‘तुंहर टोकन’ एप के जरिए ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की इस व्यवस्था से किसानों का समय और मेहनत बचेगी। सरकार ने किसानों की जोत के अनुसार टोकन की संख्या भी निर्धारित की है।
‘तुंहर टोकन’ एप से 24 घंटे मिलेगा टोकन
छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था जारी रखी है। किसान इस एप के जरिए 24 घंटे, यानी कभी भी ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इससे टोकन के लिए सोसायटियों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी कम होगी। साथ ही धान खरीदी की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
कितने एकड़ जमीन पर कितने टोकन मिलेंगे?
धान बेचने के लिए किसानों को उनकी कृषि भूमि के रकबे के आधार पर टोकन दिए जाएंगे। इसके लिए नियम निर्धारित किए गए हैं।
2 एकड़ तक जमीन: लघु एवं सीमांत किसानों को एक टोकन मिलेगा।
2 एकड़ से अधिक और 10 एकड़ तक: अधिकतम दो टोकन प्राप्त कर सकेंगे।
10 एकड़ से अधिक जमीन: अधिकतम तीन टोकन लेने की सुविधा होगी।
किसानों को अपनी पात्रता के अनुसार टोकन प्राप्त करने की सुविधा दी जाएगी, ताकि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना धान बेच सकें।
एक टोकन में पूरा धान नहीं बेच पाए तो क्या होगा?
राज्य सरकार ने किसानों को धान बेचने में अतिरिक्त सुविधा देने के लिए टोकन में धान की मात्रा दर्ज करने का विकल्प भी रखा है। किसान अपनी जरूरत और उपलब्ध धान की मात्रा के अनुसार टोकन के लिए मात्रा दर्ज कर सकेंगे।अगर कोई किसान एक टोकन पर अपनी पूरी पात्र मात्रा का धान नहीं बेच पाता है, तो उसकी बची हुई पात्रता समाप्त नहीं होगी। वह नियमों के अनुसार दूसरे या तीसरे टोकन के माध्यम से शेष पात्र मात्रा का धान बेच सकेगा।इससे किसानों को एक ही बार में पूरी मात्रा बेचने की बाध्यता से राहत मिलेगी और वे अपनी सुविधा के अनुसार धान विक्रय की योजना बना सकेंगे।
किसानों को क्या होगा फायदा?
‘तुंहर टोकन’ एप के जरिए ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था से किसानों को कई फायदे मिलेंगे।
टोकन लेने के लिए सोसायटियों में लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी।
घर बैठे मोबाइल से टोकन प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।
टोकन में धान की मात्रा अपनी जरूरत के अनुसार दर्ज कर सकेंगे।
एक टोकन में पूरी पात्र मात्रा नहीं बेचने पर शेष पात्रता का उपयोग बाद में कर सकेंगे।
समय और मेहनत की बचत होगी तथा धान विक्रय की प्रक्रिया आसान बनेगी।
15 नवंबर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी
छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होने वाली है। राज्य सरकार ने किसानों को सुविधाजनक तरीके से धान बेचने का अवसर देने के लिए ऑनलाइन टोकन व्यवस्था जारी रखी है।किसानों को सलाह है कि वे ‘तुंहर टोकन’ एप के माध्यम से टोकन प्राप्त करने और धान विक्रय से संबंधित नियमों की जानकारी रखें, ताकि खरीदी शुरू होने पर किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।