मुंबई - महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास को लेकर सरकार का रोडमैप साझा किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र को देश की पहली ग्लोबल ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य वर्ष 2015 में निर्धारित किया गया था। उनके मुताबिक, राज्य ने इसके बाद विकास की लंबी यात्रा तय की है और महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था का आकार अब 660 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। फडणवीस ने विश्वास जताया कि विकास की मौजूदा रफ्तार बरकरार रही, तो महाराष्ट्र वर्ष 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है।
2030 तक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य को वैश्विक स्तर पर आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य सामने रखा।
फडणवीस के अनुसार, राज्य की मौजूदा आर्थिक स्थिति इस लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने का आधार है। हालांकि, निर्धारित समयसीमा तक इस लक्ष्य को हासिल करना निवेश, उद्योग, बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास की गति जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगा।
संविधान को लेकर विपक्ष पर फडणवीस का हमला
आर्थिक विकास की चर्चा के साथ ही देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस, वामपंथी दलों और विपक्षी समूहों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल संविधान को हाथ में लेकर अराजकता फैलाने का काम करते हैं, जबकि उनका आचरण संवैधानिक सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।
फडणवीस ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि आंबेडकर ने देश के लिए अराजकता को एक बड़ा खतरा माना था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, वामपंथी दलों और CJP सहित कुछ विपक्षी समूहों का व्यवहार संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचा रहा है।
संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसे का मुद्दा उठाया
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विपक्षी दलों की गतिविधियों से लोगों का संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा कमजोर हो सकता है। उन्होंने कहा कि संविधान के सिद्धांतों का सम्मान करना और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है। फडणवीस के इन बयानों के साथ महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को लेकर सरकार का निर्धारित लक्ष्य और विपक्ष के प्रति उनकी राजनीतिक आलोचना चर्चा में आ गई है।