कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा में 70-रेजीनगर और 210-नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में विजयी रहे दोनों नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह विधानसभा भवन में गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर सदन को संबोधित करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सभी उपस्थित सहयोगियों को शुभ विजया और आगामी दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं व बधाई दी। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को विशेष रूप से धन्यवाद देते हुए सदन की लोकतांत्रिक परंपराओं और पारदर्शिता पर अपने विचार रखे।
स्पीकर को धन्यवाद: 'पर्दे के पीछे शपथ ग्रहण कराने का दौर अब खत्म'
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विधानसभा अध्यक्ष की सराहना करते हुए कहा कि उपचुनाव में जनता द्वारा चुने गए दोनों सदस्यों विधायक और विधायिका के शपथ ग्रहण समारोह के लिए सभी सदस्यों को एक साथ सदन में आमंत्रित कर शपथ दिलाने का यह प्रयास बेहद सराहनीय है। उन्होंने पूर्ववर्ती व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले के समय में ऐसे उपचुनावों के बाद नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह व्यावहारिक रूप से 'पर्दे के पीछे' यानी बंद कमरों और अनौपचारिक रूप से निपटा दिया जाता था। लेकिन अब खुली विधानसभा में सभी सदस्यों की मौजूदगी के बीच आधिकारिक तौर पर शपथ ग्रहण की यह स्वस्थ परंपरा कायम की गई है।
हर सदस्य का समान अधिकार और गरिमा
मुख्यमंत्री ने सदन की गरिमा को रेखांकित करते हुए कहा कि इस विधानसभा में निर्वाचित होकर आने वाले प्रत्येक सदस्य का समान अधिकार और समान सम्मान है। किसी भी सदस्य के साथ पक्षपात नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि मौजूदा अध्यक्ष के कार्यकाल में विधानसभा की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग (सीधा प्रसारण) की व्यवस्था शुरू हुई है। ऐसे में जिन दो विधानसभा क्षेत्रों रेजीनगर और नंदीग्राम की आम जनता ने अपने बहुमूल्य मतों से इन दोनों नव-निर्वाचित सदस्यों को विजयी बनाकर सदन में भेजा है, वे मतदाता भी अपने घरों में बैठकर अपने चुने हुए जनप्रतिनिधियों को शपथ लेते देखना चाहते थे। लाइव स्ट्रीमिंग और सार्वजनिक शपथ ग्रहण से जनता के लोकतांत्रिक भरोसे को बल मिलता है।