इंदौर | इंदौर में पानी की बर्बादी रोकने और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। नगर निगम ने पानी का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई शुरू कर दी है। जोन 21 के वार्ड 79 में आरआर कैट रोड स्थित सेवन स्टेप गार्डन के सामने पानी की बर्बादी करने पर 2,000 रुपये का स्पॉट फाइन लगाया गया। वहीं, जिले में 27 अक्टूबर से निजी बोरिंग पर भी प्रतिबंध लागू कर दिया गया है।
पानी की बर्बादी पर नगर निगम की कार्रवाई
महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने पानी की बर्बादी के मामले में कार्रवाई की। इस दौरान सीएसआई मनीष सिंह और सहायक सीएसआई रवि सिंह ने सेवन स्टेप गार्डन के सामने पानी का दुरुपयोग करने पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया। नगर निगम नागरिकों से अपील कर रहा है कि वे पानी का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करें और उसकी बर्बादी से बचें। गर्मी और कम बारिश के बीच जल स्रोतों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए पानी बचाने पर जोर दिया जा रहा है।
इंदौर जिले में निजी बोरिंग पर प्रतिबंध
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित करते हुए निजी बोरिंग पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। यह प्रतिबंध 27 अक्टूबर से लागू है और आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन के मुताबिक, कम बारिश और भूजल के अत्यधिक दोहन के कारण पेयजल स्रोतों और नलकूपों का जल स्तर तेजी से गिर रहा है। आने वाले समय में पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
बोरिंग करने पर मशीन जब्त, दो साल तक की कैद का प्रावधान
आदेश के उल्लंघन पर संबंधित अधिकारियों को नलकूप खनन में इस्तेमाल होने वाली मशीनें जब्त करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। प्रतिबंध के बावजूद बोरिंग या नलकूप खनन का प्रयास करने पर मशीनें जब्त की जा सकती हैं।
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, उल्लंघन करने पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना, दो साल तक की कैद या दोनों सजाएं हो सकती हैं। हालांकि, शासकीय योजनाओं के तहत होने वाले नलकूप खनन को प्रतिबंध से छूट दी गई है। जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के लिए निजी जलकूपों और अन्य मौजूदा निजी जल स्रोतों का अधिग्रहण भी किया जा सकेगा।
इंदौर समेत 12 जिलों को सूखा प्रभावित घोषित करने की तैयारी
प्रदेश में कम बारिश के असर को देखते हुए राज्य सरकार इंदौर समेत 12 जिलों को सूखा प्रभावित घोषित करने पर विचार कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में इन जिलों के नाम चिह्नित किए गए हैं। इनके लिए केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता मांगे जाने की तैयारी है। प्रस्तावित सूची में इंदौर के अलावा धार, झाबुआ, आलीराजपुर, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, उज्जैन, पांढुर्णा, शाजापुर और छिंदवाड़ा शामिल हैं। इन जिलों को सूखा प्रभावित घोषित करने की औपचारिक स्थिति की पुष्टि संबंधित सरकारी आदेश से की जानी चाहिए।
नागरिकों से पानी बचाने की अपील
नगर निगम और जिला प्रशासन की कार्रवाई का उद्देश्य उपलब्ध जल स्रोतों को सुरक्षित रखना और संभावित पेयजल संकट से निपटना है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी का अनावश्यक इस्तेमाल न करें, निजी बोरिंग संबंधी आदेशों का पालन करें और जल संरक्षण में सहयोग दें।