वाराणसी/लखनऊ: उत्तरप्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव की काशी स्नातक सीट पर मतगणना को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रदेश की 11 सीटों में से 10 के नतीजे घोषित हो चुके हैं, लेकिन काशी स्नातक सीट का परिणाम अब तक अटका हुआ है। यहां करीब 48 घंटे से मतगणना जारी है। बुधवार शाम से शुरू हुआ हंगामा देर रात तक चलता रहा। समाजवादी पार्टी के 500 से ज्यादा नेता और कार्यकर्ता मतगणना केंद्र के बाहर डटे रहे।
इस बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने और एक-दूसरे की मदद करने की अपील की। उन्होंने लिखा, "मतगणना केंद्र पर भोजन, पानी, छतरी और तौलिये की व्यवस्था करके अपने साथियों की मदद करें और हौसलों के गीत गाकर जागते रहें… सवेरा अपना होगा।"
काशी स्नातक सीट पर 48 घंटे से जारी है मतगणना
काशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा 16,990 वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं। हालांकि, मतगणना की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण अंतिम परिणाम का इंतजार जारी है।बुधवार शाम करीब 7:20 बजे एक घंटे के लिए मतगणना रोकनी पड़ी। भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने मतगणना पर्यवेक्षक पर धांधली कराने के आरोप लगाए। इसके बाद पांचवें चरण के मतों की दोबारा गिनती कराई गई।दोबारा गिनती के दौरान सपा के चार और भाजपा के तीन वोट बढ़ने की जानकारी सामने आई। इस घटनाक्रम के बाद मतगणना केंद्र पर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई और दोनों दलों के समर्थक परिणाम पर नजर बनाए रहे।
अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की
मतगणना में देरी के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव रातभर पार्टी नेताओं के संपर्क में रहे। सुबह उन्होंने X पर पोस्ट कर मतगणना केंद्र के बाहर मौजूद कार्यकर्ताओं से भोजन, पानी और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था करने को कहा।अखिलेश के संदेश के बाद काशी में मौजूद सपा कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह बनाए रखने की कोशिश की गई। पार्टी समर्थक लगातार मतगणना की निगरानी और अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
काशी शिक्षक सीट पर सपा की जीत
काशी में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। वर्ष 2020 में उनकी जीत का अंतर 936 वोट था, जबकि इस बार उन्होंने भाजपा के डॉ. प्रमोद मिश्रा को 5,015 वोटों से हराया।इस जीत के बाद सपा को काशी शिक्षक सीट पर अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका मिला है। अब सभी की नजर काशी स्नातक सीट के अंतिम परिणाम पर टिकी हुई है।
गोरखपुर में भाजपा ने 307 वोटों से दर्ज की जीत
गोरखपुर में विधान परिषद चुनाव के दौरान मुकाबला बेहद करीबी रहा। यहां भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी ने 307 वोटों से जीत हासिल की। इसके साथ ही वह लगातार चौथी बार MLC बने।उनके प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने हार के बाद चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उनके करीब एक हजार वोटों की चोरी की गई।
10 सीटों के नतीजे घोषित, भाजपा और सपा को मिलीं सीटें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर हुए चुनाव में अब तक 10 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भाजपा ने चार शिक्षक और दो स्नातक सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने दो शिक्षक और दो स्नातक सीटें जीती हैं।काशी स्नातक सीट का परिणाम आने के बाद चुनाव की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी। इस सीट पर सपा प्रत्याशी की बढ़त बरकरार रहती है और जीत में बदलती है, तो पार्टी की सीटों की संख्या में इजाफा हो सकता है।
23 अक्टूबर को हुआ था मतदान
उत्तर प्रदेश में 23 अक्टूबर को पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदान कराया गया था। इन 11 सीटों पर कुल 152 प्रत्याशी मैदान में थे। चुनाव में करीब 14.81 लाख मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से लगभग 8.18 लाख मतदाताओं ने वोट डाला। मतदान प्रतिशत करीब 55 फीसदी रहा।स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में स्नातक योग्यता रखने वाले मतदाताओं और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पात्र शिक्षकों ने मतदान किया। पूरी प्रक्रिया बैलेट पेपर के जरिए कराई गई थी। मतगणना 27 अक्टूबर की सुबह 8 बजे शुरू हुई थी।