लखनऊ | उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को धार देने में जुट गई है। इसी कड़ी में बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 30 अक्टूबर को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में आयोजित होगी। केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बैठक का उद्घाटन करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समापन सत्र को संबोधित करेंगे।
पंकज चौधरी की अध्यक्षता में होगी बैठक
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी की अध्यक्षता में होगी। इसमें प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठन के प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे। प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह तथा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन की भी संभावना है।
2027 के विधानसभा चुनाव के रोडमैप पर मंथन
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस बैठक को संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों, एमएलसी, जिलाध्यक्षों, क्षेत्रीय अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारियों की भागीदारी होगी। बैठक में संगठन को मजबूत करने, सरकार और पार्टी संगठन के बीच समन्वय बढ़ाने तथा आगामी चुनाव की तैयारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। हालांकि, बैठक का विस्तृत आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
29 अक्टूबर को प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक से एक दिन पहले, 29 अक्टूबर को लखनऊ स्थित बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक आयोजित होगी। पंकज चौधरी की अध्यक्षता और धर्मपाल सिंह की उपस्थिति में सुबह 11 बजे होने वाली इस बैठक में कार्यसमिति के एजेंडे, प्रमुख विषयों और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के संबोधन पर नजर
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में अमित शाह की मौजूदगी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समापन संबोधन को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। बैठक में राष्ट्रीय स्तर के नेताओं से लेकर जिला स्तर के पदाधिकारियों तक की भागीदारी से पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठनात्मक दिशा देने का अवसर मिलेगा। बीजेपी के लिए यह बैठक 2027 के चुनाव से पहले संगठन की तैयारियों की समीक्षा करने और पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।