भोपाल। मध्यप्रदेश में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विस्तार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 6 से 9 सितंबर तक दुबई दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे दुनिया के बड़े निवेश मंचों में शामिल AIM Congress 2026 (Annual Investment Meeting) में हिस्सा लेंगे और Invest MP 2026 के जरिए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने मध्यप्रदेश की संभावनाएं रखेंगे। दुबई में होने वाला यह आयोजन मध्यप्रदेश के लिए इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां दुनिया के अलग-अलग देशों की सरकारों के साथ बड़े निवेशक, Sovereign Wealth Funds, Family Offices और ग्लोबल कंपनियां निवेश के अवसरों पर चर्चा करती हैं।
दुबई में MP की निवेश वाली पिच, दुनिया के बड़े कारोबारी होंगे सामने
AIM Congress 2026 का आयोजन 7 से 9 सितंबर तक दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में प्रस्तावित है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस बार 180 से ज्यादा देशों के करीब 20,000 प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। पिछले संस्करण में 181 देशों के करीब 15,800 प्रतिनिधि, 9 राष्ट्राध्यक्ष और 74 मंत्री शामिल हुए थे। इस दौरान 47 एमओयू भी हुए थे। ऐसे में इस बार का आयोजन मध्यप्रदेश के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों तक सीधे पहुंच बनाने का बड़ा प्लेटफॉर्म साबित हो सकता है।
CM मोहन यादव की नजर किन ग्लोबल कंपनियों पर?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यात्रा का मुख्य फोकस निवेश आकर्षित करना और मध्यप्रदेश को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के तौर पर पेश करना बताया गया है। दौरे के दौरान कई बड़े कारोबारी समूहों और कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं। इनमें DP World, VFS Global, Emaar, Choythram और Sharaf Group KGK जैसी कंपनियों के साथ चर्चा शामिल है। इसके अलावा 'Invest in Madhya Pradesh' सत्र के जरिए राज्य की औद्योगिक, कृषि, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग और शहरी विकास से जुड़ी संभावनाओं को निवेशकों के सामने रखा जाएगा।
500 बड़े निवेशकों के बीच MP को मिलेगी सीधी पहुंच
दौरे का एक अहम हिस्सा आमंत्रण आधारित 'Tycoons' कार्यक्रम भी बताया गया है। इसमें करीब 500 Sovereign Wealth Funds, Family Offices और बड़े कारोबारी शामिल होने की उम्मीद है। मध्यप्रदेश के लिए इसका महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि यहां सरकार को अलग-अलग निवेशकों से अलग-अलग जगह संपर्क करने के बजाय एक ही वैश्विक मंच पर कई संभावित निवेश साझेदारों से बातचीत का मौका मिलेगा।
GIS 2027 की तैयारी से भी जुड़ा है दुबई दौरा
मुख्यमंत्री का यह दौरा सिर्फ AIM Congress 2026 तक सीमित नहीं है। इसे भोपाल में प्रस्तावित Global Investors Summit (GIS) 2027 की तैयारियों की शुरुआती कड़ी के तौर पर भी देखा जा रहा है। दुबई में होने वाली बैठकों के जरिए संभावित निवेशकों को मध्यप्रदेश में आने वाले बड़े निवेश सम्मेलन के लिए आमंत्रित करने और राज्य की निवेश क्षमता से परिचित कराने का अवसर मिलेगा।
UAE के फूड मार्केट में MP क्यों देख रहा है बड़ा मौका?
मध्यप्रदेश के लिए दुबई का बाजार सिर्फ औद्योगिक निवेश के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है। Food Processing और कृषि उत्पादों के निर्यात के क्षेत्र में भी राज्य बड़ी संभावनाएं तलाश रहा है। आपके दिए आंकड़ों के मुताबिक, UAE अपनी खाद्य जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। वहां बड़ी प्रवासी आबादी रहती है, जिसमें भारतीयों की संख्या भी काफी अधिक है। ऐसे में भारतीय अनाज, दाल और प्रोसेस्ड फूड के लिए बाजार की संभावनाएं मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
गेहूं से सोयाबीन तक, MP की कृषि ताकत को मिलेगा ग्लोबल बाजार
मध्यप्रदेश की पहचान देश के प्रमुख कृषि उत्पादक राज्यों में है। दिए गए आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार राज्य दाल उत्पादन में देश में पहले, मक्का में पहले, जबकि अनाज और गेहूं के उत्पादन में भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रखता है। मध्यप्रदेश को 'सोया प्रदेश' के नाम से भी जाना जाता है और राज्य देश के कुल सोयाबीन उत्पादन में बड़ी हिस्सेदारी रखता है। ऐसे में दुबई में होने वाली कारोबारी बैठकों में एग्रीकल्चर, फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट को निवेश के संभावित क्षेत्रों के तौर पर आगे बढ़ाने की कोशिश की जा सकती है।
किसानों तक कैसे पहुंचेगा इस निवेश का फायदा?
अगर मध्यप्रदेश के कृषि उत्पादों के लिए UAE जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात के अवसर बढ़ते हैं, तो इसका असर सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं रहेगा। निर्यात बढ़ने के साथ कोल्ड चेन, वेयरहाउसिंग, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और फूड प्रोसेसिंग में निवेश की जरूरत बढ़ सकती है। इससे कृषि आधारित वैल्यू चेन मजबूत होने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध होने की संभावना बन सकती है। हालांकि, किसानों को वास्तविक आर्थिक लाभ कितना मिलेगा, यह भविष्य में होने वाले समझौतों, निर्यात व्यवस्था और उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।
इंदौर से भोपाल तक शहरों के विकास के लिए क्या खुलेंगे नए रास्ते?
दुबई की पहचान आधुनिक शहरी विकास और रियल एस्टेट के बड़े वैश्विक केंद्र के रूप में है। मुख्यमंत्री के दौरे में Emaar के साथ प्रस्तावित बैठक और बुर्ज खलीफा के दौरे को भी इसी व्यापक शहरी विकास दृष्टिकोण से जोड़ा गया है। मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहर तेजी से विकसित हो रहे हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स, रियल एस्टेट निवेश और FDI के जरिए स्मार्ट सिटी, टाउनशिप, कमर्शियल प्रोजेक्ट और शहरी सुविधाओं के विस्तार की संभावनाएं तलाशने की कोशिश हो सकती है।
MP को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने की कोशिश
दुबई में मध्यप्रदेश का पवेलियन, ODOP (One District One Product) प्रदर्शन और मीडिया संवाद राज्य की स्थानीय क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश करने का माध्यम होंगे। सरकार का उद्देश्य मध्यप्रदेश की कृषि, उद्योग, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और शहरी विकास क्षमता को एक साथ प्रस्तुत कर निवेशकों के सामने राज्य की अलग पहचान बनाना है। यदि इन बैठकों से ठोस निवेश प्रस्ताव और समझौते सामने आते हैं, तो इसका असर आने वाले वर्षों में रोजगार, उद्योग और निर्यात के क्षेत्र में दिखाई दे सकता है।
AIM Congress 2026 से MP को क्या उम्मीदें हैं?
AIM Congress जैसे वैश्विक मंच पर मध्यप्रदेश की मौजूदगी का सबसे बड़ा फायदा सीधे अंतरराष्ट्रीय निवेशकों तक पहुंच के रूप में देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री की बैठकों से संभावित निवेशकों को राज्य की नीतियों, संसाधनों और कारोबार की संभावनाओं की जानकारी देने का अवसर मिलेगा। अब नजर इस बात पर रहेगी कि दुबई दौरे के बाद मध्यप्रदेश को कितने निवेश प्रस्ताव मिलते हैं और उनमें से कितने वास्तविक परियोजनाओं में बदल पाते हैं।