नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में मां नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे के इलाकों में चिंता बढ़ गई है। ब्रह्मांड घाट पर जलस्तर बढ़ने के कारण रेत घाट पर बनाया गया पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है। इसके बाद घाट पर लोगों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए घाट के दोनों ओर जवानों की तैनाती की है।
पुल डूबने से आवागमन पूरी तरह बंद
नर्मदा के बढ़ते जलस्तर का असर ब्रह्मांड घाट पर साफ दिखाई दे रहा है। रेत घाट पर आवागमन के लिए बनाया गया पुल पानी में समा गया है। पुल के डूब जाने के बाद प्रशासन ने यहां से लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी है। प्रशासन की ओर से लोगों को लगातार समझाइश दी जा रही है कि वे बढ़े हुए जलस्तर के बीच नदी या घाट के आसपास जाने का प्रयास न करें। पानी का बहाव तेज होने की स्थिति में किसी भी तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
घाट पर करीब 10 जवान तैनात
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ब्रह्मांड घाट के दोनों ओर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। करीब 10 जवानों को मौके पर तैनात किया गया है, जो घाट पर आने-जाने वाले लोगों पर नजर रख रहे हैं। वहीं पंचायत सचिव भी मौके पर मौजूद हैं। पंचायत सचिव लोगों को लगातार नदी और घाट की ओर नहीं जाने की समझाइश दे रहे हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और लोगों को सुरक्षित रखना है।
तीन दिनों से बरगी बांध के 13 गेट खुले
नर्मदा के बढ़ते जलस्तर के पीछे लगातार हो रही बारिश के साथ-साथ बरगी बांध से छोड़े जा रहे पानी को भी अहम वजह माना जा रहा है। क्षेत्र में पिछले कुछ समय से रिमझिम बारिश का दौर जारी है। वहीं बरगी बांध के करीब तीन दिनों से 13 गेट खुले हुए हैं। बांध के गेट खुले रहने से नर्मदा नदी में पानी का प्रवाह बढ़ रहा है, जिसका असर नरसिंहपुर के घाटों पर भी दिखाई दे रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
नाव संचालन पर भी पूर्ण प्रतिबंध
बढ़ते जलस्तर और नदी के तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर आज से नाव संचालन पर भी पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन ने नाविकों और स्थानीय लोगों को निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंध के दौरान किसी भी स्थिति में नाव का संचालन न करें। नदी में जलस्तर बढ़ने के साथ तेज बहाव और अचानक पानी बढ़ने का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे नदी के बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए घाटों से दूरी बनाए रखें।