कानपुर। साढ़ थाना क्षेत्र के हिरनी गांव में रविवार सुबह करीब 9:30 बजे बारिश के दौरान एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त परिवार के पांच सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। मकान गिरते ही सभी मलबे में दब गए।मकान गिरने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिना देर किए राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया। पुलिस और प्रशासन को भी घटना की सूचना दी गई।
पिता और तीन बेटियों की मौत
हिरनी गांव निवासी मुकेश (45) मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी चार बेटियां काजल (19), माया (16), नीतू (12) और पल्लवी (7) थीं।हादसे के बाद ग्रामीणों और पुलिस की मदद से मलबे में दबे पांचों लोगों को बाहर निकाला गया। सभी को उपचार के लिए पतारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया।डॉक्टरों ने मुकेश और उनकी तीन बेटियों माया, नीतू और पल्लवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं काजल की हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर रेफर किया गया। फिलहाल उसका इलाज हैलट अस्पताल में चल रहा है।
दिसंबर में होनी थी काजल की शादी
परिजनों के मुताबिक हादसे में घायल काजल उर्फ लक्ष्मी की शादी दिसंबर में होनी थी। उसकी शादी सम्मेलन के जरिए तय हुई थी।परिवार में हुए इस हादसे के बाद अब काजल ही बची है। गंभीर हालत में उसका इलाज कानपुर के हैलट अस्पताल में जारी है।
परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप
मुकेश के चचेरे भाई ने साढ़ पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मकान गिरने के बाद परिजन लगातार पुलिस को फोन करते रहे, लेकिन शुरुआत में फोन रिसीव नहीं हुआ। काफी देर बाद पुलिस से संपर्क हो सका।परिजनों के मुताबिक पुलिस के समय पर नहीं पहुंचने के कारण ग्रामीणों ने खुद ही रेस्क्यू शुरू कर दिया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मलबे में दबे सभी पांचों लोगों को बाहर निकालकर पतारा सीएचसी पहुंचाया गया।
CHC में इलाज को लेकर भी सवाल
परिजनों ने पतारा सीएचसी में समय पर उपचार नहीं मिलने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उस समय वहां डॉक्टर मौजूद नहीं थे और यदि समय पर इलाज मिल जाता तो शायद जान बचाई जा सकती थी।परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
लगातार बारिश से कमजोर हो गया था मकान
ग्रामीणों के अनुसार पिछले कई दिनों से इलाके में लगातार बारिश हो रही थी। बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवारें और छत कमजोर हो गई थीं।रविवार सुबह बारिश के दौरान अचानक मकान भरभराकर ढह गया। हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना देने के साथ अपने स्तर पर भी राहत-बचाव शुरू किया।घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।