भोपाल/जबलपुर, 6 सितंबर 2026 | मध्यप्रदेश हाईकोर्ट को नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। गुजरात हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का नया चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार ने शनिवार, 5 सितंबर को उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त को उनके नाम की सिफारिश की थी। केंद्र सरकार ने एक साथ देश के आठ हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति को मंजूरी दी है। इनमें मध्यप्रदेश के अलावा पटना, कलकत्ता, राजस्थान, बॉम्बे, पंजाब एवं हरियाणा, छत्तीसगढ़ तथा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट शामिल हैं।
गुजरात हाईकोर्ट से MP आएंगे जस्टिस कोगजे
जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे फिलहाल गुजरात हाईकोर्ट में न्यायाधीश हैं। गुजरात हाईकोर्ट के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक उनका जन्म 16 जुलाई 1969 को हुआ था। उन्होंने 1990 में B.Sc. Chemistry और 1993 में LL.B. की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने वकालत शुरू की। वे Assistant Government Pleader, Additional Public Prosecutor और Special Public Prosecutor जैसी जिम्मेदारियां भी संभाल चुके हैं।
2016 में बने थे गुजरात हाईकोर्ट के जज
जस्टिस कोगजे को 6 अप्रैल 2016 को गुजरात हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।
बाद में 15 मार्च 2018 को उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। गुजरात हाईकोर्ट के आधिकारिक प्रोफाइल में भी उनकी नियुक्ति और सेवा से जुड़ी इन तारीखों की पुष्टि होती है।
वकालत से लेकर Special Public Prosecutor तक का सफर
जस्टिस कोगजे ने 1993 में वकालत शुरू की थी। वे 2001 में Assistant Government Pleader और 2002 में Additional Public Prosecutor बने।
इसके बाद उन्हें Special Investigation Team से जुड़े मामलों के लिए Special Public Prosecutor और Special Task Force के मामलों में Special Counsel के रूप में भी जिम्मेदारी मिली। उन्होंने Central Excise and Customs Department के Standing Counsel के रूप में भी काम किया।
कॉलेजियम ने 31 अगस्त को की थी सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त 2026 को जस्टिस कोगजे को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की थी। उस समय यह सिर्फ recommendation थी और केंद्र सरकार की मंजूरी बाकी थी। अब 5 सितंबर को राष्ट्रपति की ओर से संवैधानिक प्रक्रिया के तहत नियुक्ति अधिसूचित हो जाने के बाद यह प्रक्रिया अगले चरण में पहुंच चुकी है।
MP High Court में शुरू होगा नया नेतृत्व
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का मुख्यालय जबलपुर में है, जबकि इंदौर और ग्वालियर में इसकी खंडपीठ हैं। जस्टिस कोगजे के कार्यभार संभालने के बाद मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था का नेतृत्व उनके हाथ में होगा। चीफ जस्टिस के रूप में वे न्यायिक कार्य के साथ हाईकोर्ट प्रशासन, बेंच गठन और न्यायिक कामकाज से जुड़ी कई संस्थागत जिम्मेदारियां भी संभालेंगे।
क्या है Collegium System?
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में जजों तथा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए न्यायपालिका की सिफारिश वाली व्यवस्था को सामान्य तौर पर Collegium System कहा जाता है। लेकिन यहां एक जरूरी तथ्य समझना चाहिए। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति के प्रस्ताव में CJI, सुप्रीम कोर्ट के दो सबसे वरिष्ठ न्यायाधीशों से परामर्श करते हैं। इसके बाद सिफारिश केंद्र सरकार के पास जाती है और संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने पर राष्ट्रपति नियुक्ति करते हैं। कानून मंत्रालय के आधिकारिक जवाब में भी यही प्रक्रिया दर्ज है।
क्या केंद्र कॉलेजियम की सिफारिश लौटा सकता है?
सरकार किसी सिफारिश पर स्पष्टीकरण या पुनर्विचार की मांग कर सकती है। नियुक्ति प्रक्रिया संविधान और Memorandum of Procedure के तहत आगे बढ़ती है। हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति में संबंधित राज्य सरकार की राय भी ली जाती है, जबकि अंतिम नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।