MP Teacher Recruitment: मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती और पद बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सरकार पर निशाना साधा है। कमलनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के उम्मीदवार पिछले 15 दिनों से भोपाल में आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। कमलनाथ ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई आंकड़ों का उल्लेख करते हुए सरकार से शिक्षक भर्ती बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में बड़ी संख्या में स्कूल बंद हो रहे हैं और लाखों बच्चे स्कूल छोड़ रहे हैं, तो शिक्षकों की जरूरत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
15 दिन से भोपाल में आंदोलन, कमलनाथ ने उठाया शिक्षक अभ्यर्थियों का मुद्दा
कमलनाथ ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि शिक्षक वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के उम्मीदवार पिछले 15 दिनों से भोपाल में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनके मुताबिक, अभ्यर्थियों की मांगों पर सरकार की ओर से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने इसे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से जोड़ते हुए सरकार के रवैये पर सवाल उठाए और शिक्षक भर्ती में नई नियुक्तियां करने की मांग रखी।
वर्ग-1 भर्ती में 5819 पदों का मुद्दा, अभ्यर्थियों ने उठाई आवाज
कमलनाथ ने वर्ग-1 चयन परीक्षा 2023 के अभ्यर्थियों की मांग का उल्लेख करते हुए कहा कि उम्मीदवार पिछले तीन वर्षों से पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार, उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में 8,720 पद स्वीकृत और विज्ञापित किए गए थे। कमलनाथ की पोस्ट के मुताबिक, पहली काउंसलिंग में इनमें से केवल 2,901 पदों पर नियुक्तियां हुईं। अभ्यर्थियों का दावा है कि इसके बाद 5,819 पद खाली हैं या उन पर अभी काउंसलिंग नहीं हुई है। इसी को लेकर वे भर्ती प्रक्रिया में आगे की कार्रवाई और पदों को लेकर सरकार से मांग कर रहे हैं।
वर्ग-2 और वर्ग-3 में हजारों पद बढ़ाने की मांग
शिक्षक भर्ती 2025 के वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थियों की मांगों को भी कमलनाथ ने अपनी पोस्ट में प्रमुखता से उठाया। उनके मुताबिक, अभ्यर्थी वर्ग-2 में कम से कम 10 हजार और वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का तर्क है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की जरूरत को देखते हुए भर्ती के पदों में वृद्धि की जानी चाहिए।
‘स्कूल बंद हो रहे हैं, फिर शिक्षकों की कमी क्यों?’
कमलनाथ ने शिक्षक भर्ती के मुद्दे को प्रदेश की स्कूल व्यवस्था और ड्रॉपआउट से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने अपनी पोस्ट में दावा किया कि प्रदेश में बंद होने वाले स्कूलों की संख्या पूरे देश में सबसे ज्यादा है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूल ड्रॉपआउट छात्रों की संख्या 12 लाख से अधिक है। इन आंकड़ों का हवाला देते हुए कमलनाथ ने कहा कि जब इतनी बड़ी संख्या में बच्चे स्कूल छोड़ रहे हैं और स्कूलों के संचालन को लेकर समस्याएं हैं, तब प्रदेश में शिक्षकों की जरूरत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
कमलनाथ की सरकार से मांग- ‘नई नियुक्तियां की जाएं’
पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार से मांग की कि अभ्यर्थियों की मांग के अनुसार शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में स्कूल बंद होने और बच्चों के स्कूल छोड़ने की स्थिति को देखते हुए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई नियुक्तियां जरूरी हैं। कमलनाथ ने इसे छात्र हित से जोड़ते हुए कहा कि शिक्षकों की भर्ती बढ़ाकर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने की दिशा में कदम उठाया जाना चाहिए।
शिक्षक भर्ती आंदोलन पर अब सरकार के रुख पर नजर
शिक्षक अभ्यर्थियों की ओर से पद बढ़ाने की मांग और कमलनाथ के इस मुद्दे को उठाने के बाद अब सरकार के अगले कदम पर नजर रहेगी। वर्ग-1 भर्ती 2023 में पदों और काउंसलिंग को लेकर अभ्यर्थियों द्वारा उठाए जा रहे सवालों के साथ-साथ वर्ग-2 और वर्ग-3 में अतिरिक्त पदों की मांग भी इस पूरे विवाद का प्रमुख हिस्सा है। कमलनाथ ने अपनी पोस्ट के जरिए सरकार से शिक्षक भर्ती में तेजी लाने और शिक्षा व्यवस्था की जरूरत के अनुरूप नई नियुक्तियां करने की मांग की है।