Uttarakhand Flying Car: उत्तराखंड के अल्मोड़ा के युवा नवोन्मेषक और स्टार्टअप उद्यमी रवि टमटा ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान रवि ने अपने फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट से जुड़े तकनीकी नवाचार, अब तक हुई प्रगति और आगे की योजनाओं की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। मुख्यमंत्री धामी ने रवि के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की बड़ी क्षमता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि रवि के स्टार्टअप को नियमों के तहत जरूरी सरकारी सहयोग उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट ने खींचा CM धामी का ध्यान
रवि टमटा ने मुख्यमंत्री के सामने अपने प्रोजेक्ट की तकनीकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वह फ्लाइंग कार की तकनीक पर लगातार काम कर रहे हैं और इसे आने वाले समय में और विकसित करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनके प्रोजेक्ट को लेकर रुचि दिखाई और नवाचार के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने रवि को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
सचिव उद्योग को CM का निर्देश, स्टार्टअप पॉलिसी के तहत मदद की जांच
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने मौके पर ही सचिव उद्योग को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रवि टमटा के स्टार्टअप को नियमानुसार मिलने वाली सरकारी सहायता और सुविधाओं की संभावनाओं का परीक्षण किया जाए। सरकार की मौजूदा स्टार्टअप और औद्योगिक नीतियों के तहत उपलब्ध सुविधाओं का लाभ इस प्रोजेक्ट को किस तरह दिया जा सकता है, इसकी प्रक्रिया पर भी अधिकारियों को काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
‘युवाओं के सपनों को पंख देना सरकार की प्राथमिकता’
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के युवाओं के सपनों को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। उनके मुताबिक युवा आधुनिक तकनीक और नए विचारों के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ युवाओं के इनोवेशन को प्रोत्साहित करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऐसे प्रोजेक्ट्स को जमीन पर उतारने के लिए संभव सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।
AI से लेकर ड्रोन और एयरोस्पेस तक, नई तकनीक पर सरकार का फोकस
CM धामी ने कहा कि मौजूदा समय तकनीक और नवाचार का है। उत्तराखंड के युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, एयरोस्पेस समेत कई आधुनिक क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे तकनीकी प्रयोग भविष्य में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दे सकते हैं।
पहाड़ी इलाकों में Flying Technology से बदल सकती है कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखंड में नई तकनीकों के इस्तेमाल की व्यापक संभावनाएं हैं। भविष्य में तकनीक आधारित परिवहन व्यवस्था राज्य के दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी मजबूत करने में भूमिका निभा सकती है। हालांकि, ऐसे प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी मानकों, सुरक्षा नियमों और नियामकीय प्रक्रियाओं का पालन जरूरी होगा। फ्लाइंग कार जैसी तकनीक को व्यावहारिक रूप देने में इन पहलुओं की अहम भूमिका रहेगी।
रवि टमटा की आगे की योजना क्या है?
रवि टमटा अपने फ्लाइंग कार प्रोजेक्ट को और विकसित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात में उन्होंने प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ भविष्य की कार्ययोजना भी साझा की। सरकारी स्तर पर सहयोग मिलने की संभावनाओं से ऐसे स्थानीय स्टार्टअप्स को अपने तकनीकी प्रयोगों को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
‘नया उत्तराखंड युवाओं के विचारों से भी बनेगा’
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नया उत्तराखंड सिर्फ विकास परियोजनाओं से नहीं, बल्कि युवाओं के नए विचारों, नवाचार और उद्यमिता से भी तैयार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि प्रदेश का कोई प्रतिभाशाली युवा केवल संसाधनों की कमी के कारण अपने सपने को अधूरा न छोड़े। स्टार्टअप और इनोवेशन के क्षेत्र में बेहतर माहौल तैयार कर युवाओं के विचारों को रोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास से जोड़ा जा सकता है।
क्या फ्लाइंग कार उत्तराखंड के लिए नई परिवहन संभावना बन सकती है?
फ्लाइंग कार अभी एक उभरती हुई तकनीक है और इसे बड़े स्तर पर परिवहन व्यवस्था का हिस्सा बनाने से पहले कई तकनीकी, सुरक्षा और नियामकीय पहलुओं पर काम करना होगा। लेकिन उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में ऐसी तकनीकों को लेकर संभावनाओं पर चर्चा महत्वपूर्ण है। रवि टमटा का प्रोजेक्ट इसी दिशा में एक स्थानीय युवा के तकनीकी प्रयोग के तौर पर सामने आया है। अब सरकार की ओर से मिलने वाला संभावित सहयोग इस प्रोजेक्ट की आगे की दिशा तय करने में अहम हो सकता है।