कोलकाता: पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश के बीच मौसम का मिजाज अब थोड़ा बदलता दिखाई दे रहा है। दक्षिण बंगाल में भारी बारिश की तीव्रता फिलहाल कम रहने की संभावना है, लेकिन कोलकाता समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। वहीं उत्तर बंगाल में मानसूनी गतिविधियां अधिक सक्रिय रहने के कारण कई जिलों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 5 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, गंगीय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 सितंबर तक गरज-चमक और बिजली के साथ मौसम सक्रिय रह सकता है, जबकि 8 और 9 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है। इसके विपरीत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 5 सितंबर को ही भारी बारिश का अलर्ट जारी है।
कोलकाता में बारिश जारी, तापमान 32 डिग्री के आसपास
कोलकाता में शनिवार को आसमान मुख्यतः बादलों से घिरा रहने और बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। अलीपुर के लिए IMD ने 27°C न्यूनतम और 32°C अधिकतम तापमान का अनुमान दिया है। साथ ही गरज-चमक के दौरान 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पिछले दिनों की भारी बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलजमाव की समस्या भी बनी हुई है। बारिश की तीव्रता में कमी आने पर पानी निकलने का समय मिल सकता है, लेकिन अचानक तेज बारिश का दौर फिर स्थानीय स्तर पर परेशानी बढ़ा सकता है।
दक्षिण बंगाल में भारी बारिश का जोर कम, लेकिन गरज-चमक से सावधानी
गंगीय पश्चिम बंगाल के लिए 5 सितंबर को IMD ने भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है, लेकिन थंडरस्टॉर्म, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी बनी हुई है। 6 और 7 सितंबर को भी गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय रह सकता है। हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा, पुरुलिया और झाड़ग्राम समेत दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में स्थानीय स्तर पर बारिश हो सकती है। इसलिए भारी बारिश का खतरा कम होने के बावजूद मौसम पूरी तरह साफ होने की उम्मीद नहीं है।
8-9 सितंबर को फिर बढ़ सकती है बारिश
मौसम विभाग के विस्तृत पूर्वानुमान में दक्षिण बंगाल के लिए एक और महत्वपूर्ण संकेत दिया गया है। 8 और 9 सितंबर को गंगीय पश्चिम बंगाल में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है। यानी मौजूदा राहत को बारिश के पूरी तरह खत्म होने के संकेत के तौर पर नहीं देखा जा सकता। इससे कोलकाता और दक्षिण बंगाल के उन इलाकों में फिर जलजमाव की स्थिति बन सकती है, जहां पिछली बारिश के बाद जल निकासी सामान्य होने में समय लग रहा है।
उत्तर बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर बंगाल में बारिश की स्थिति दक्षिण बंगाल से अलग है। IMD के मुताबिक 5 सितंबर को दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में एक-दो स्थानों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश हो सकती है। साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक, बिजली और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की भी संभावना है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 सितंबर को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।
पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर पर नजर
लगातार बारिश के कारण दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का जोखिम बढ़ सकता है। भारी बारिश की स्थिति में तीस्ता समेत पहाड़ी नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। संवेदनशील ढलानों और नदी किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचना बेहतर होगा।
किसानों और आम लोगों के लिए जरूरी सावधानी
गरज-चमक के दौरान बिजली गिरने का खतरा बारिश की मात्रा से अलग भी बना रह सकता है। IMD ने खुले खेतों और असुरक्षित स्थानों में मौजूद लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। बिजली चमकने या बादलों की तेज गड़गड़ाहट शुरू होने पर खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और अन्य असुरक्षित स्थानों से दूर रहना चाहिए। कुल मिलाकर, दक्षिण बंगाल में बारिश की तीव्रता में फिलहाल कुछ कमी के संकेत हैं, लेकिन मौसम पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। वहीं उत्तर बंगाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में भारी बारिश का खतरा ज्यादा बना हुआ है। आने वाले दिनों में 8-9 सितंबर को दक्षिण बंगाल में बारिश फिर जोर पकड़ सकती है।