भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में अच्छी बारिश कराने के बाद अब मानसूनी सिस्टम उत्तर मध्य प्रदेश की ओर बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो दिनों में इसका सबसे ज्यादा असर ग्वालियर, चंबल, सागर और उज्जैन संभाग के जिलों में देखने को मिल सकता है। इन क्षेत्रों में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम में आए इस बदलाव के बाद प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और पुल-पुलियों पर पानी आने की स्थिति बन सकती है। लोगों से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की गई है।
19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने शनिवार को मध्य प्रदेश के करीब 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर लगातार बारिश होने की संभावना है। मानसूनी सिस्टम के उत्तर की ओर बढ़ने के कारण विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं उज्जैन संभाग के कुछ जिलों में भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने के साथ-साथ छोटी नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
अगले दो दिन रहेंगे महत्वपूर्ण
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले दो दिन मध्य प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। इस दौरान कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में थोड़े समय में ज्यादा बारिश होने से स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और कच्चे रास्तों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
7 जिलों में स्कूलों की छुट्टी
लगातार बारिश और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए शिवपुरी और मुरैना समेत 7 जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। संबंधित जिलों के कलेक्टरों की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि मौसम और स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। यदि बारिश और जलभराव की स्थिति बनी रहती है तो स्कूलों को लेकर आगे भी निर्णय लिया जा सकता है। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।
पूर्वी मध्य प्रदेश में जमकर बरसा मानसून
इससे पहले मानसूनी सिस्टम ने मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में अच्छी बारिश कराई। लगातार हुई बारिश के कारण क्षेत्र की नदियों, तालाबों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है। कई बांधों के जलस्तर में भी सुधार दर्ज किया गया है। बारिश को किसानों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को फसलों के लिए पर्याप्त नमी मिलने की उम्मीद है। हालांकि, जहां बारिश सामान्य से ज्यादा हुई है, वहां खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
नदी-नालों और पुल-पुलियों पर बढ़ा खतरा
भारी बारिश के दौरान सबसे ज्यादा खतरा नदी-नालों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को हो सकता है। तेज बारिश के बाद अचानक जलस्तर बढ़ने से छोटे पुल और रपटे पानी में डूब सकते हैं। प्रशासन ने लोगों से साफ तौर पर कहा है कि पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा हो तो उसे पार करने की कोशिश न करें। बारिश के दौरान नदी या नाले के किनारे जाना भी खतरनाक हो सकता है।
लोगों से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि तेज बारिश और खराब मौसम के दौरान बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचें। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी अलर्ट पर ध्यान दें।
लोगों को विशेष रूप से इन बातों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है:
- तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
- पानी से भरे पुल-पुलियों और रपटों को पार न करें।
- नदी, नाले और जलाशयों के आसपास जाने से बचें।
- जलभराव वाले इलाकों में बिजली के तारों और खंभों से दूरी बनाए रखें।
- बारिश के दौरान बच्चों को नदी-नालों और खुले जलस्रोतों के पास न जाने दें।
- किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या कंट्रोल रूम को सूचना दें।
किसानों के लिए बारिश राहत भी, चुनौती भी
मध्य प्रदेश में हुई बारिश से किसानों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। पर्याप्त बारिश से खरीफ फसलों को फायदा हो सकता है और जलस्रोतों में पानी की उपलब्धता भी बेहतर होगी। हालांकि, जिन इलाकों में कम समय में बहुत ज्यादा बारिश हुई है, वहां खेतों में पानी जमा होने से फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। खासकर निचले क्षेत्रों में किसानों को जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है।
मौसम पर बनी रहेगी नजर
फिलहाल मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है और सिस्टम के उत्तर की ओर बढ़ने से आने वाले दिनों में बारिश का असर अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल सकता है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है, जबकि लोगों से सावधानी बरतने और मौसम संबंधी सरकारी अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।