भोपाल: मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती वर्ग 2 और 3 के अभ्यर्थियों का आंदोलन शुक्रवार को उस वक्त सुर्खियों में आ गया, जब प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला रोककर सीधे अपनी मांग रख दी। नीलम पार्क के सामने अभ्यर्थियों ने हाथ जोड़कर पद बढ़ाने की गुहार लगाई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने उनका ज्ञापन लिया और भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे पर बात की जाएगी।
CM के सामने पहुंचे अभ्यर्थी, हाथ जोड़कर लगाई गुहार
शिक्षक भर्ती वर्ग 2-3 के अभ्यर्थी पिछले करीब 15 दिनों से भोपाल के नीलम पार्क में धरना दे रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग भर्ती में शिक्षकों के पदों की संख्या बढ़ाने की है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री का काफिला जब नीलम पार्क के सामने से गुजर रहा था, तभी प्रदर्शनकारी सड़क पर पहुंच गए। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से पद वृद्धि की मांग करते हुए कहा कि वे लंबे समय से परेशान हैं और सरकार उनकी मांग पर जल्द फैसला करे। मुख्यमंत्री ने अभ्यर्थियों की बात सुनी और उनका ज्ञापन भी लिया। इस दौरान उन्होंने हाथ के इशारे से आश्वासन देते हुए कहा कि इस विषय पर बात की जाएगी।
15 दिन से धरना, अब CM तक पहुंची पद बढ़ाने की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती वर्ग 2 और 3 में पदों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर वे राजधानी में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। शिक्षक दिवस से ठीक एक दिन पहले मुख्यमंत्री से हुई इस मुलाकात के बाद प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांग पर कोई सकारात्मक फैसला ले सकती है।
लेकिन विभाग ने क्यों कहा- पुरानी भर्ती में नहीं बढ़ सकते पद?
वहीं, दूसरी ओर स्कूल शिक्षा विभाग पहले ही भर्ती में पद बढ़ाने को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है। विभाग के अनुसार किसी भर्ती का परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद उसी भर्ती में विज्ञापित पदों की संख्या को बढ़ाना या घटाना नियमों के अनुरूप नहीं है। विभाग का कहना है कि भविष्य में सामने आने वाले नए रिक्त पदों को नई शिक्षक भर्ती के विज्ञापन में शामिल किया जा सकता है।
72 हजार से ज्यादा पद खाली, फिर भी अभ्यर्थियों की मांग क्यों?
स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक विभाग में कुल 72,901 पद रिक्त हैं। इनमें से 59,073 पद पदोन्नति से जुड़े बताए गए हैं। इसके अलावा 3,990 पद OBC के 13 प्रतिशत होल्ड से संबंधित हैं, जबकि 8,038 पद बैकलॉग के हैं। विभाग का कहना है कि पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद खाली होने वाले पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी।
TET विवाद के कारण भी अटकी है पदोन्नति प्रक्रिया
शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विभाग ने स्टैंडिंग काउंसिल से राय ली है। विभाग के अनुसार राय में TET उत्तीर्ण शिक्षकों को ही पदोन्नति देने की बात कही गई है। इसी वजह से पदोन्नति की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। पदोन्नति के बाद जो नए पद खाली होंगे, उन्हें आगामी भर्ती प्रक्रिया में शामिल किए जाने की तैयारी है।
जुलाई 2027 तक खाली पदों का होगा आकलन
स्कूल शिक्षा विभाग आगामी शिक्षक भर्ती को लेकर भी तैयारी कर रहा है। विभाग जुलाई 2027 तक संभावित रिक्तियों का आकलन कर रहा है। इसके बाद नई भर्ती का विज्ञापन जारी किए जाने की बात कही गई है। फिलहाल, मुख्यमंत्री के काफिले के सामने अभ्यर्थियों द्वारा रखी गई पद वृद्धि की मांग के बाद उनकी नजर सरकार के अगले कदम पर है। क्या शिक्षक दिवस से पहले सरकार कोई बड़ा ऐलान करेगी? इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।