रायपुर, 4 सितंबर 2026 | छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और अभिभावकों के लिए जरूरी खबर है। प्रदेश में कक्षा पहली से 12वीं तक की तिमाही परीक्षाएं 21 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रही हैं। लोक शिक्षण संचालनालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए तिमाही और अर्धवार्षिक परीक्षाओं की संशोधित समय-सारणी जारी कर दी है। इस बार प्रदेशभर में परीक्षा व्यवस्था को एकरूप रखने पर जोर दिया गया है। संचालनालय के मुताबिक पहले जारी परीक्षा संचालन और जिला स्तरीय समितियों से संबंधित निर्देश यथावत रहेंगे। परीक्षाएं अब संशोधित टाइम-टेबल के अनुसार आयोजित की जाएंगी।
21 सितंबर से बज जाएगी परीक्षा की घंटी
स्कूलों में तिमाही परीक्षा की शुरुआत सोमवार, 21 सितंबर से होगी। प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में अलग-अलग कक्षाओं के विषयों के अनुसार परीक्षाएं 21 से 26 सितंबर के बीच पूरी होंगी, जबकि हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर पर विषयवार परीक्षाएं 30 सितंबर तक चलेंगी। इसलिए बच्चों को केवल “21 से 30 सितंबर” की तारीख देखकर नहीं चलना चाहिए। उनकी कक्षा और विषय के मुताबिक आखिरी परीक्षा की तारीख अलग होगी।
पहली-दूसरी की परीक्षा तीन दिन
संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक कक्षा पहली और दूसरी के लिए शुरुआती तीन दिन प्रमुख विषयों की परीक्षा रखी गई है।
- 21 सितंबर: हिन्दी
- 22 सितंबर: गणित
- 23 सितंबर: अंग्रेजी
इसके बाद इन कक्षाओं के लिए विषयवार तिमाही परीक्षा नहीं रखी गई है।
तीसरी से पांचवीं तक 24 सितंबर तक पेपर
कक्षा तीसरी से पांचवीं के विद्यार्थियों की परीक्षाएं 21 सितंबर से शुरू होकर 24 सितंबर तक चलेंगी। हिन्दी, गणित और अंग्रेजी के बाद 24 सितंबर को पर्यावरण विषय की परीक्षा होगी।
छठवीं से आठवीं की परीक्षा 26 सितंबर तक
मिडिल स्कूल यानी कक्षा 6वीं से 8वीं के बच्चों की परीक्षा 21 से 26 सितंबर तक चलेगी। इन कक्षाओं के लिए कार्यक्रम में हिन्दी, गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान और संस्कृत जैसे विषय शामिल हैं। 26 सितंबर को संस्कृत की परीक्षा निर्धारित है।
9वीं से 12वीं की परीक्षा 30 सितंबर तक
हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की परीक्षाएं भी 21 सितंबर से शुरू होंगी। कक्षा 9वीं और 10वीं में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत और व्यावसायिक विषय शामिल हैं। वहीं 11वीं-12वीं में Science, Commerce, Arts और Agriculture stream के हिसाब से विषयवार पेपर होंगे। व्यावसायिक और कुछ विशेष विषयों की परीक्षा 28 से 30 सितंबर तक रखी गई है।
परीक्षा की टाइमिंग भी नोट कर लें
संशोधित समय-सारणी से जुड़ी ताजा रिपोर्टों के मुताबिक प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रखी गई है। वहीं कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों की परीक्षा दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक होगी। यह टाइमिंग खास तौर पर अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पुराने शेड्यूल की कुछ प्रतियों में कक्षा 6वीं से 8वीं के लिए दोपहर 1 बजे तक का समय दिया गया था।
सभी जिलों में एक जैसी परीक्षा व्यवस्था
नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के सरकारी और संबंधित अनुदान प्राप्त स्कूलों में परीक्षा संचालन को ज्यादा एकरूप बनाने की तैयारी है। सभी जिलों में एक समय पर परीक्षा आयोजित करने, प्रश्नपत्र व्यवस्था और मूल्यांकन में समानता लाने के लिए जिला स्तर पर परीक्षा समितियों का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि अलग-अलग जिलों में बच्चों के मूल्यांकन का स्तर ज्यादा समान रहे।
जिला शिक्षा अधिकारी होंगे महत्वपूर्ण कड़ी
परीक्षा संचालन के लिए जिला स्तर पर बनाई गई समिति में जिला शिक्षा अधिकारी की प्रमुख भूमिका होगी। समिति परीक्षा सामग्री, गोपनीयता, संचालन, मूल्यांकन और समय पर परिणाम तैयार कराने जैसी व्यवस्थाओं पर नजर रखेगी। पहले जारी परीक्षा समिति से जुड़े निर्देश संशोधित टाइम-टेबल के बाद भी लागू रहेंगे।
दिसंबर में होंगी अर्धवार्षिक परीक्षाएं
तिमाही परीक्षा के बाद बच्चों को दिसंबर में अर्धवार्षिक परीक्षा देनी होगी। संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक अर्धवार्षिक परीक्षा 1 दिसंबर 2026 से शुरू होगी। पहली से आठवीं तक की परीक्षाएं विषय के अनुसार दिसंबर के पहले सप्ताह में होंगी, जबकि 9वीं से 12वीं की परीक्षाएं 11 दिसंबर तक चलेंगी।
बच्चों के पास तैयारी के लिए करीब दो हफ्ते
आज 4 सितंबर है और पहली परीक्षा 21 सितंबर को होगी। ऐसे में छात्रों के पास अब करीब दो सप्ताह का समय तैयारी के लिए है। स्कूल स्तर पर भी तिमाही परीक्षा से पहले पाठ्यक्रम पूरा कराने, revision और practice पर जोर बढ़ने की संभावना है। विद्यार्थियों को अपनी कक्षा का विषयवार टाइम-टेबल स्कूल से एक बार जरूर मिलान कर लेना चाहिए, खासकर 9वीं से 12वीं में जहां stream और vocational subjects के अनुसार अलग-अलग तारीखें हैं।