नई दिल्ली। देशभर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर उत्साह का माहौल है। मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही हैं और श्रद्धालु भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियों में जुटे हैं। इसी बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में देशवासियों से भगवान श्री कृष्ण के आदर्शों को जीवन में अपनाने और एक समावेशी एवं विकसित भारत के निर्माण के लिए लगातार प्रयास करते रहने का आह्वान किया।
सत्य, न्याय और करुणा का मार्ग दिखाते हैं भगवान कृष्ण
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण का जीवन और उनकी शिक्षाएं भारत की सांस्कृतिक एवं दार्शनिक विरासत को नई ऊर्जा प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण ने मानवता को सत्य, सदाचार, न्याय, करुणा और निस्वार्थ सेवा का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के आदर्श आज भी समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विकसित और समावेशी भारत का लें संकल्प
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, “इस शुभ अवसर पर, आइए हम भगवान श्री कृष्ण के आदर्शों का पालन करने और एक समावेशी एवं विकसित भारत के निर्माण की दिशा में अनथक प्रयास करते रहने का संकल्प लें।” उन्होंने नागरिकों से देश की प्रगति में योगदान देने और समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
भगवद्गीता की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक
राष्ट्रपति ने कहा कि भगवद्गीता में निहित भगवान श्री कृष्ण की शिक्षाएं मानवता के लिए कठिन समय में समझदारी से निर्णय लेने और नैतिक मूल्यों पर अडिग रहने की प्रेरणा का शाश्वत स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि कृष्ण की शिक्षाएं केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में मार्गदर्शन देने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं।
सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करता है जन्माष्टमी पर्व
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि जन्माष्टमी का पवित्र त्योहार लोगों को आपसी सद्भाव, कर्तव्य और सेवा के प्रति समर्पण की भावना बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने देश और विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को जन्माष्टमी के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
देशभर में कृष्ण जन्मोत्सव की धूम
जन्माष्टमी के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया है। भगवान श्री कृष्ण की झांकियां, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। श्रद्धालु भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाने के लिए बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंच रहे हैं।