UP Flood News: उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश ने एक बार फिर कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। गंगा-यमुना समेत प्रदेश की 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं, जबकि करीब 23 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। कई जगह सड़कें जलमग्न हैं तो कहीं नदियों का पानी आबादी वाले इलाकों तक पहुंच गया है। महोबा में तेज बहाव के बीच पुल पार कर रहे दो युवक बाइक समेत नदी में बह गए। हालांकि, मौके पर मौजूद ग्रामीणों की तत्परता से दोनों युवकों को रस्सी की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दूसरी ओर, कानपुर में गंगा किनारे मिट्टी खिसकने से एक अपार्टमेंट की बाउंड्री ढह गई और बिल्डिंग में दरारें आने की जानकारी सामने आई है।
महोबा में पुल पार करते समय बाइक समेत नदी में बहे दो युवक
महोबा में दूनर नदी का पानी कई पुलों के ऊपर से बह रहा है। इसी दौरान गुरुवार शाम दो युवक बाइक से पुल पार करने की कोशिश कर रहे थे। तेज बहाव की चपेट में आने के बाद दोनों युवक बाइक समेत नदी में बह गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत बचाव की कोशिश शुरू की और रस्सी की मदद से दोनों युवकों को बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों ने बाइक को भी बहने से बचा लिया। यह घटना एक बार फिर तेज बहाव के दौरान नदी और पुल पार करने में बरती जाने वाली सावधानी की गंभीरता को सामने लाती है।
कानपुर में गंगा किनारे मिट्टी धंसने से अपार्टमेंट की बाउंड्री गिरी
लगातार हो रही बारिश का असर कानपुर में भी दिखाई दे रहा है। गंगा किनारे मिट्टी के दरकने के कारण एक अपार्टमेंट की बाउंड्री ढह गई। बताया गया है कि इस अपार्टमेंट में 40 से अधिक फ्लैट हैं और बिल्डिंग में दरारें भी दिखाई दी हैं। घटना के बाद इलाके में चिंता का माहौल है और लगातार बारिश के बीच आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
वाराणसी में घरों तक पहुंचा गंगा और वरुणा का पानी
वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का असर रिहायशी इलाकों तक पहुंच गया है। कई जगह पानी घरों में घुसने लगा है, जबकि जलभराव के कारण सड़कों पर नाव चलाने की स्थिति बन गई है। बाढ़ के चलते 407 परिवार अपने घर छोड़ चुके हैं। वहीं वाराणसी के सभी 84 घाट पानी में डूबे हुए बताए जा रहे हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर उसकी सहायक नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। वरुणा, गोमती और नाद नदी का जलस्तर भी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।
बलिया से बिजनौर तक नदियों का बढ़ा जलस्तर
प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी नदियों का जलस्तर लगातार परेशानी बढ़ा रहा है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। बलिया में सरयू नदी उफान पर है और कई सड़कों पर कमर तक पानी भर गया है। बिजनौर में गंगा का पानी हाईवे के ऊपर से बहने लगा है। वहीं सोनभद्र में प्रदेश का सबसे बड़ा रिहंद बांध ओवरफ्लो होने की स्थिति में पहुंच गया है। मिर्जापुर में अदवा बांध से नदी में करीब 22 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी है। इससे आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर को लेकर निगरानी बढ़ गई है।
बारिश और बाढ़ ने दो दिन में ली 10 लोगों की जान
बारिश और बाढ़ के कारण प्रदेश में पिछले दो दिनों के दौरान कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। चित्रकूट में मकान गिरने से एक पिता और उनके दो बच्चों की जान चली गई। कानपुर देहात में भी मकान ढहने से दो बच्चों की मौत हुई। इसके अलावा बाराबंकी में दीवार गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हुई, जबकि लखीमपुर खीरी में गड्ढे में डूबने से एक बच्ची की जान चली गई। बिजनौर में नदी पार करते समय 18 वर्षीय युवक के बह जाने की घटना भी सामने आई है।
उन्नाव समेत कई इलाकों में घरों में भरा पानी, खाने-पीने की परेशानी
बाढ़ का असर सिर्फ सड़कों और खेतों तक सीमित नहीं है। कई इलाकों में लोगों के घरों में कई दिनों से पानी भरा हुआ है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। उन्नाव समेत प्रभावित क्षेत्रों में लोग जलभराव और खाने-पीने की दिक्कतों से जूझ रहे हैं। लगातार बारिश और जलस्तर बढ़ने के कारण प्रभावित परिवारों के सामने सुरक्षित स्थान पर जाने की चुनौती भी बनी हुई है।
शुक्रवार सुबह कई शहरों में छाए बादल, ठंडी हवाओं से बदला मौसम
शुक्रवार सुबह राजधानी लखनऊ के अलावा कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज समेत 30 से अधिक शहरों में आसमान पर बादल छाए रहे। ठंडी हवाओं के कारण मौसम में भी बदलाव महसूस किया गया। मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक आज प्रदेश के 65 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इनमें से 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट बताया गया है। मथुरा, आगरा और कन्नौज समेत कई जिले भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में शामिल हैं।
ललितपुर में सबसे ज्यादा बारिश, हमीरपुर और चित्रकूट भी प्रभावित
पिछले 24 घंटे के बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो ललितपुर में सबसे ज्यादा 79.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद हमीरपुर में 54.9 मिमी और चित्रकूट में 50.3 मिमी बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण इन क्षेत्रों में नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
वाराणसी में गंगा अब घटने लगी, लेकिन खतरे की स्थिति बरकरार
वाराणसी में गंगा के जलस्तर को लेकर राहत की एक खबर भी सामने आई है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 70.67 मीटर दर्ज किया गया और अब इसमें गिरावट का रुख दिखाई दे रहा है। हालांकि, गंगा अभी भी चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रही है। ऐसे में तटवर्ती और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। सहायक नदियों वरुणा, गोमती और नाद में भी पानी का असर बना हुआ है, जिससे वाराणसी के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बरकरार है।
4 से 6 सितंबर तक बारिश को लेकर क्या है अपडेट?
वाराणसी में शुक्रवार सुबह बादल छाए रहे। मौसम विभाग के मुताबिक 4 से 6 सितंबर के बीच मानसूनी बारिश की संभावना नहीं बताई गई है। इसके बाद 8 सितंबर तक कहीं हल्की से मध्यम तो कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे में नदी किनारे और बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम और जलस्तर से जुड़े अपडेट पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।
यूपी में आगे भी चुनौती बने रहेंगे नदी और बारिश के हालात
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। वाराणसी, बलिया, बिजनौर, चित्रकूट, महोबा, सोनभद्र और मिर्जापुर समेत कई जिलों में बाढ़ और जलभराव का असर दिखाई दे रहा है। एक तरफ प्रशासन और स्थानीय स्तर पर राहत-बचाव की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग के नए अलर्ट ने आने वाले दिनों में भी सतर्कता बढ़ा दी है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए फिलहाल जलस्तर में होने वाला बदलाव सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है।