Rajasthan Weather Update: राजस्थान में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर जोर पकड़ने की ओर हैं। गुरुवार को धौलपुर, दौसा, बहरोड़-कोटपूतली, करौली, भरतपुर और अलवर समेत कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। धौलपुर में बारिश के बाद कुछ सड़कों पर पानी भर गया, जबकि भरतपुर के रूपवास में 24 घंटे के दौरान 27 MM बारिश रिकॉर्ड हुई। मौसम विभाग के अनुसार 4 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। जयपुर, भरतपुर के अलावा कोटा और अजमेर संभाग में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।
भरतपुर के रूपवास में सबसे ज्यादा 27 MM बारिश
बीते 24 घंटे के दौरान भरतपुर, करौली और जयपुर के कई हिस्सों में बारिश हुई। इस दौरान भरतपुर के रूपवास में 27 MM पानी बरसा, जो राज्य में दर्ज प्रमुख बारिश में सबसे ज्यादा रहा। इसके अलावा धौलपुर के बाड़ी में 12 MM और करौली के बालघाट में 18 MM बारिश दर्ज की गई। नादौती, सैंपऊ, बसेड़ी और राजाखेड़ा समेत कई अन्य इलाकों में भी हल्की बारिश हुई, हालांकि यहां बारिश का आंकड़ा 10 MM से कम रहा।
धौलपुर में बारिश के बाद सड़कों पर भरा पानी
धौलपुर में गुरुवार को हुई बारिश के बाद शहर के कुछ हिस्सों में सड़कों पर पानी जमा हो गया। अचानक हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन जलभराव के कारण आवाजाही में परेशानी भी देखने को मिली। वहीं आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम में बदलाव के साथ बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
मौसम में बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी में बने वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम को अहम माना जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक यह सिस्टम अगले 24 घंटे में दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से राजस्थान में 4 सितंबर से बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। इसका असर खासतौर पर पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है।
5 से 7 सितंबर के बीच भरतपुर-कोटा संभाग में तेज बारिश के आसार
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 5 से 7 सितंबर के बीच भरतपुर और कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रह सकती हैं। इस दौरान कई जगहों पर तेज बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। जयपुर समेत अन्य जिलों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। ऐसे में अगले कुछ दिन राजस्थान के पूर्वी हिस्से के लिए मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
पश्चिमी राजस्थान में मानसून रहेगा कमजोर
जहां पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, वहीं पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर संभाग में मानसून के फिलहाल कमजोर रहने का अनुमान है। इस क्षेत्र में आने वाले दिनों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। यानी प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग देखने को मिलेगा।
श्रीगंगानगर में रहा सबसे ज्यादा तापमान
बारिश के बावजूद राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर बना हुआ है। बुधवार को राज्य के बीकानेर संभाग में सबसे अधिक गर्मी दर्ज की गई। इस दौरान श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे साफ है कि प्रदेश में बारिश का असर सभी क्षेत्रों में एक जैसा नहीं है।
नदबई में सुबह से रिमझिम बारिश, दोपहर में बढ़ी रफ्तार
भरतपुर के नदबई में गुरुवार सुबह से ही रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। दोपहर करीब 1 बजे बारिश ने कुछ देर के लिए जोर पकड़ा। लगातार बादल और बारिश के कारण क्षेत्र के तापमान में भी बदलाव देखने को मिला। स्थानीय लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।
टोडाभीम में आधे घंटे तक हुई तेज बारिश
करौली के टोडाभीम में भी गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे बारिश शुरू हुई। शहरी और ग्रामीण इलाकों में करीब 30 मिनट तक तेज बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। क्षेत्र में मौसम के बदलते मिजाज के बीच अब आने वाले दिनों में और बारिश की उम्मीद बढ़ गई है।
4 सितंबर के बाद राजस्थान में कहां-कहां बढ़ेगी बारिश?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 4 सितंबर से बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभाग में बारिश को लेकर यलो अलर्ट है। इसके बाद 5 से 7 सितंबर के बीच भरतपुर और कोटा संभाग में तेज बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है। ऐसे में राजस्थान में अगले कुछ दिनों के दौरान पूर्वी हिस्से में बारिश और पश्चिमी हिस्से में अपेक्षाकृत शुष्क मौसम का मिश्रण देखने को मिल सकता है।