मध्यप्रदेश के साथ आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते कई जिलों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 138.52 मीटर पर डेंजर लेवल के करीब स्थिर बताया गया है।बढ़ते जलस्तर के बीच SDRF की टीम ने करीब 100 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। प्रशासन और राहत दल संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
छतरपुर में स्कूलों की छुट्टी
छतरपुर जिले में बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए आज सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।लवकुशनगर के गुढ़ाकला ग्राम पंचायत में मूसलाधार बारिश के बीच एक कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। हादसे के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर भी सतर्कता बढ़ाई गई है।
मैहर में पुलों के ऊपर बह रहा पानी
मैहर जिले में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। कई पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण मुकुंदपुर मार्ग बंद हो गया है। इससे आवागमन प्रभावित हुआ है और लोगों को वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।प्रशासन की ओर से जलभराव और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।
मंडला में नर्मदा का जलस्तर बढ़ा
मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़कर 436.1 मीटर पहुंच गया है। लगातार बारिश के कारण नदी और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ रही है।जबलपुर में भी बरगी बांध का जलभराव 93.33 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके बाद बांध के 5 गेट करीब 1 मीटर खोले गए हैं।
बरगी डैम के गेट खुलने से नर्मदा घाटों पर बढ़ेगा पानी
बरगी डैम से पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा के घाटों पर जलस्तर बढ़ने की संभावना है। अनुमान है कि घाटों पर 3 से 4 फीट तक पानी बढ़ सकता है।ऐसे में नदी और घाटों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
टीकमगढ़-दमोह में रेड अलर्ट, 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। टीकमगढ़ और दमोह में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।वहीं 13 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इनमें शामिल हैं:
ग्वालियर
भिंड
दतिया
गुना
अशोकनगर
छतरपुर
निवाड़ी
पन्ना
सागर
रायसेन
नरसिंहपुर
छिंदवाड़ा
पांढुर्णा
इन जिलों में भारी बारिश के साथ निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है।
4 सितंबर से पश्चिमी हिस्से में बढ़ेगा सिस्टम का असर
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 4 सितंबर से मानसूनी सिस्टम आगे बढ़ेगा। इसके चलते भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम और चंबल संभाग में इसका ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं इंदौर में तेज बारिश की संभावना कम बताई गई है।5 सितंबर को प्रदेश के उत्तरी हिस्से में तेज बारिश हो सकती है, जबकि 6 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में सिस्टम का असर दिखाई देने का अनुमान है।
बांधों में तेजी से बढ़ रहा पानी
लगातार बारिश के कारण मध्य प्रदेश के अधिकांश बांधों में पानी की स्थिति सुधरी है। कई जलाशयों में करीब 70 प्रतिशत तक पानी पहुंच गया है और कुछ बांधों के गेट भी खोले जा चुके हैं।हालांकि, इंदौर और उज्जैन संभाग के बांधों की स्थिति अभी अपेक्षाकृत बेहतर नहीं है। लगातार बारिश और जलभराव के बीच जलाशयों के स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
भोपाल के बड़े तालाब में सिर्फ 0.30 फीट जगह बाकी
भोपाल के बड़े तालाब में पानी का स्तर बढ़कर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। अब तालाब में करीब 0.30 फीट की जगह ही खाली बताई गई है।बड़ा तालाब पूरी तरह भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाने की स्थिति बन सकती है। भदभदा से छोड़ा गया पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा, जिससे वहां भी जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
MP में अब तक 28.1 इंच बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब तक 714.2 मिमी यानी करीब 28.1 इंच बारिश हो चुकी है।इसके बावजूद प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश के मुकाबले कमी बनी हुई है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक करीब 31.5 इंच (799.9 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से करीब 3.4 इंच कम बारिश दर्ज हुई है।ओवरऑल प्रदेश में बारिश करीब 11 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसत से करीब 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।