Rajasthan Food Safety Action: राजस्थान में मिलावट और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला की जांच में असुरक्षित पाए गए पांच पैकेज्ड खाद्य उत्पादों के वितरण, प्रदर्शन और बिक्री पर दो महीने के लिए रोक लगा दी है। इन उत्पादों में गाय का घी, चाय और लाल मिर्च पाउडर समेत कुल पांच उत्पाद शामिल हैं। विभाग ने संबंधित बैच नंबर वाले उत्पादों को कार्रवाई के दायरे में लिया है। इसके अलावा असुरक्षित खाद्य पदार्थों के नमूने मिलने के बाद प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 9 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
सरकार के ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत कार्रवाई
राजस्थान सरकार की ओर से चलाए जा रहे अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग अलग-अलग जिलों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी जांच करा रहा है। अगस्त में लिए गए नमूनों की राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला में जांच के बाद पांच पैकेज्ड खाद्य उत्पादों को असुरक्षित पाया गया। इसके बाद विभाग ने इन उत्पादों की बिक्री, वितरण और प्रदर्शन पर पूरे प्रदेश में आगामी दो महीनों के लिए रोक लगाने का निर्णय लिया। कार्रवाई मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में चल रहे अभियान के तहत की गई है। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ और खाद्य सुरक्षा आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में विभाग की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
किन 5 पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर लगी रोक?
राज्य जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला की जांच के बाद जिन उत्पादों को असुरक्षित घोषित किया गया है, उनमें अलग-अलग ब्रांड के घी, चाय और लाल मिर्च पाउडर शामिल हैं।
1. नंदी ब्रांड गाय का घी
निर्माता: दिशा एंटरप्राइजेज, बालोतरा-बाड़मेर
बैच/लॉट नंबर: 005
इस उत्पाद के संबंधित बैच पर राज्यभर में बिक्री, वितरण और प्रदर्शन को लेकर रोक लगाई गई है।
2. रतवाड़ी टी–गोल्डन थार
उत्पाद: चाय
निर्माता: श्री सांवरिया इंडस्ट्रीज, रीको, बाड़मेर
बैच नंबर: 150726
लैब जांच के बाद इस विशेष बैच के उत्पाद को कार्रवाई के दायरे में रखा गया है।
3. जी.एस. गोल्ड लाल मिर्च पाउडर
निर्माता: हिमाया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, फाजिल्का, पंजाब
बैच/लॉट नंबर: जी.एस. 31
लाल मिर्च पाउडर के संबंधित बैच को भी असुरक्षित घोषित कर उसकी बिक्री और वितरण पर रोक लगाई गई है।
4. के.डी.पी. डेयरी–कृष्णा ब्रांड घी
निर्माता: के.डी.पी. फूड इंडस्ट्री
स्थान: सरनाथ इंडस्ट्रियल एरिया, उत्तर-पश्चिम दिल्ली
बैच नंबर: डी.के. 1225 और डी.के. 160326
इस ब्रांड के बताए गए बैच वाले घी को भी जांच के बाद असुरक्षित उत्पादों की सूची में शामिल किया गया है।
5. के.डी.पी. डेयरी–सारस ब्रांड घी
निर्माता: के.डी.पी. फूड इंडस्ट्री
बैच नंबर: डी.एस. 030426
इस विशेष बैच के घी की बिक्री, वितरण और प्रदर्शन पर भी दो महीने की रोक लागू की गई है।
जरूरी बात: कार्रवाई में बताए गए विशिष्ट बैच/लॉट नंबर महत्वपूर्ण हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को पैकेट पर बैच नंबर और लेबल की जानकारी ध्यान से देखनी चाहिए।
9 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी किए गए सस्पेंड
पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर रोक लगाने के साथ खाद्य सुरक्षा विभाग ने अलग-अलग जिलों में खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। असुरक्षित खाद्य पदार्थों के नमूने मिलने के बाद 9 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इनमें मिर्च पाउडर, तैयार चाय, फ्राइड मटर, दूध, घी और माउथ फ्रेशनर/सौंफ से जुड़े मामले शामिल हैं।
किन 9 प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई?
| प्रतिष्ठान | स्थान | कार्रवाई का कारण |
|---|---|---|
| एम/एस हार्दिक ट्रेडर्स | बाखासर, बाड़मेर | मिर्च पाउडर का नमूना |
| चाय वाला प्रतिष्ठान | चूरू | तैयार चाय असुरक्षित |
| शर्मा सेल्स एजेंसीज | रानी बाजार, बीकानेर | फ्राइड मटर का सैंपल फेल |
| श्री सवाई भोज मिल्क डेयरी | माकड़वाली, अजमेर | दूध असुरक्षित |
| इंडिया मिल्क डेयरी | स्टीफन स्कूल चौराहा, अजमेर | दूध का नमूना |
| एम.एस.के. रेजिडेंट | वैशाली नगर, अजमेर | माउथ फ्रेशनर/सौंफ के नमूने |
| बजाली मिल्क डेयरी | टोडारायसिंह, टोंक | घी में मिलावट |
| श्रीजी मिल्क डेयरी | देवली, टोंक | घी की गुणवत्ता |
| श्री सांवरिया इंडस्ट्रीज | बाड़मेर | चाय पत्ती के नमूने |
इन सभी मामलों में लैब जांच के बाद विभाग की ओर से लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की गई है।
जयपुर के 3 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन निरस्त
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। जयपुर में ऐसे तीन प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाया गया, जिनके बारे में विभाग ने बताया कि पूर्व में असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री के कारण कार्रवाई के बावजूद बिना वैध लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के खाद्य कारोबार जारी रखा गया।
इन तीन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिए गए हैं।
जयपुर के इन 3 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
एम/एस बालाजी जयका — विद्याधर नगर
एम/एस गणपति ड्राईफ्रूट्स — कूकड़खेड़ा
द कंबू कैफे फूड एंड बेवरेजेज — निर्माण नगर
इस कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों को यह संदेश भी गया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों और वैध लाइसेंस की अनदेखी पर विभाग सख्त कदम उठा सकता है।
आम लोगों के लिए भी जरूरी है सावधानी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं से पैकेज्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय सतर्क रहने की अपील की है। खास तौर पर ऐसे मामलों में केवल ब्रांड का नाम देखना पर्याप्त नहीं है। बैच नंबर, पैकेजिंग, निर्माण तिथि और वैधता जैसी जानकारी भी जांचना जरूरी है।
पैकेट खरीदते समय इन चीजों पर दें ध्यान
पैकेजिंग और सील जरूर देखें
पैकेट या डिब्बे की सील टूटी हुई या संदिग्ध दिखाई दे तो उसे खरीदने से बचना चाहिए।
बैच नंबर मिलाएं
यदि किसी उत्पाद के किसी खास बैच पर रोक लगाई गई है तो पैकेट पर दर्ज बैच/लॉट नंबर जरूर जांचें।
निर्माण और वैधता की तारीख देखें
लेबल पर मैन्युफैक्चरिंग डेट और Best Before/Expiry की जानकारी पढ़ना जरूरी है।
ब्रांड के नाम को ध्यान से पढ़ें
बाजार में एक जैसे नाम या पैकेजिंग वाले उत्पादों को लेकर भी सावधानी बरतना जरूरी है।
मिलावट की शिकायत होने पर क्या करें?
खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर उपभोक्ता संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इसकी सूचना दे सकते हैं। विभाग ने भी लोगों से अपील की है कि संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जानकारी सामने आने पर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं, ताकि नमूने लेकर उनकी जांच कराई जा सके।
राजस्थान में खाद्य सुरक्षा को लेकर बढ़ी निगरानी
‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य पदार्थों के लगातार सैंपल लिए जा रहे हैं और लैब रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पांच पैकेज्ड उत्पादों पर दो महीने की रोक, 9 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबन और जयपुर के 3 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन निरस्त किए जाने की कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी अलग-अलग जिलों में खाद्य पदार्थों की जांच और कार्रवाई का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।